चरखी दादरी में दूसरा राहगीरी डे कार्यक्रम आयोजित
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चरखी दादरी में दूसरा राहगीरी डे कार्यक्रम आयोजित
राहगीरी डे कार्यक्रम का एक दृश्‍य.

राहगीरी डे का ये दूसरा कार्यक्रम चरखी दादरी में आयोजित किया गया, जिसमें एसपी हिमांशु गर्ग के नेतृत्व में पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों ने आम पब्लिक के साथ जमकर मस्ती की.

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एक और संडे चरखी दादरी क्षेत्र के लोगों के लिए यादगार बन गया. फुल मस्ती, म्यूजिक, खेल और दूसरे कार्यक्रमों ने संडे को यादगार बनाया. जी हां, मौका था राहगीरी का और लोग झूम रहे थे. मस्ती भी थी, म्यूजिक भी था, फिटनेस भी थी और संदेश भी थे. ये सब चीजें एक साथ चरखी दादरी के रोज गार्डन के बाहर के रोड पर रविवार की सुबह देखी गई.

दरअसल राहगीरी डे का ये दूसरा कार्यक्रम चरखी दादरी में आयोजित किया गया, जिसमें एसपी हिमांशु गर्ग के नेतृत्व में पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों ने आम पब्लिक के साथ जमकर मस्ती की. राहगीरी कार्यक्रम में जहां बच्चे व युवा मस्ती में सराबोर थे, वहीं बुजुर्ग व खासकर महिलाएं भी कार्यक्रम का लुत्फ उठाती दिखीं.

एसपी व अन्य ने बैडमिंटन व दूसरे खेलों में हाथ आजमाए तो सडक़ के बीचोबीच ही कहीं पेंटिंग तो कहीं योगा व कहीं क्रिकेट खेलते खिलाड़ि‍यों के नजारे दिखे. मुक्केबाज अपना हुनर दिखा रहे थे तो मंच पर कलाकारों के रूप में स्कूली बच्चे अपनी प्रतिभा के जलवे बिखेर रहे थे. जिस बेटी बचाओ संदेश की शुरूआत पीएम मोदी ने हरियाणा के पानीपत से की थी, कन्या भ्रूण हत्या रोकने के मकसद से उसी संदेश को सड़क पर ही रंगोली के जरिए चरखी दादरी के सरकारी स्कूल की छात्राओं ने आमजन तक पहुंचाने का प्रयास किया. इन छात्राओं का कहना था कि राहगीरी के जरिए अब एक भी शख्स इस संदेश को अपनाता है तो कार्यक्रम व उनकी रंगोली के मायने सार्थक हो जाते हैं.



मोबाइल और सोशल मीडिया का उपयोग न करने के आग्रह की तख्तियां लिए हुए बच्‍चे.




वहीं दो से चार साल तक की उम्र के नन्हे-मुन्नों ने मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करने के संदेश पट्टियों व तख्तियों के जरिए दिए, तो लोग सोचने पर मजबूर हुए. इन संदेशों में कहा गया था कि न तो लोग गाड़ी चलाते समय मोबाइल का प्रयोग करें व ना ही मोबाइल का प्रयोग अभिभावक करें. यहां तक कहा गया कि मोबाइल की बजाय माता-पिता बच्चों पर ध्यान दें तो वे संस्कारी बन सकते हैं. साथ ही फेसबुक, व्हाट्सऐप व सोशल मीडिया का इस्तेमाल न करने की नसीहत भी नन्हे-मुन्नों ने दे डाली.

मंच पर पॉलिथीन हटाने का संदेश देने वाले कार्यक्रम पेश किए गए व लोगों को शपथ दिलवाई गई तो साथ ही फिटनेस के लिए लोगों को सड़क पर ही योगाभ्यास करवाया गया. आत्मरक्षा के गुर सीखती लड़कियों ने भी राहगीरी कार्यक्रम को सार्थक बताया. वहीं लोगों को पर्यावरण संरक्षण के संदेशों के साथ साथ पौधे भी वितरित किए गए.

चरखी दादरी के पुलिस कप्तान ने कहा कि लोगों को अहसास दिलवाने के लिए कि सड़कें केवल वाहन चालकों के लिए नहीं हैं, बल्कि आमजन व राहगीरों के लिए भी हैं, इस तरह के कार्यक्रम का खुली सड़क पर ही आयोजन किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि फिटनेस का संदेश दिया गया है तो साथ ही उन लोगों को बाहर निकलने का संदेश दिया गया है जो कि अपनी लाइफ स्टाइल के चलते कमरों में ही बंद रहते हैं. ऐसे लोग जब खुली हवा में निकलते हैं तो आनंद अलग ही है.

उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन की बात को लोग देर से समझते हैं पर यदि वही बात व संदेश नौनिहाल या विद्यार्थी देते हैं तो उसका असर जल्द होता है. उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में लोगों का पूरा समर्थन मिल रहा है और खुद सूबे के सीएम मनोहर लाल भी इस कार्यक्रम के जरिए लोगों को संदेश दे रहे हैं. निश्चित तौर पर यह कामयाब हो रहा है.
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