लाइव टीवी

पांच वर्ष में सरकार की योजनाएं घर-घर नहीं पहुंचाना बना हार का कारण : मांढी

Pardeep Sahu | News18 Haryana
Updated: November 12, 2019, 3:23 PM IST
पांच वर्ष में सरकार की योजनाएं घर-घर नहीं पहुंचाना बना हार का कारण : मांढी
हार होने का अंदेशा नहीं था

पूर्व विधायक सुखविंद्र मांढी ने मंगलवार को कस्बा झोझू कलां में हलके के कार्यकर्ताओं की मीटिंग ली और हार की समीक्षा की.

  • Share this:
चरखी दादरी. बाढड़ा के पूर्व विधायक और भाजपा (BJP) के प्रत्याशी रहे सुखविंद्र मांढी (Sukhwinder Mandhi) ने अपनी हार का कारण सरकार की योजनाओं को घर-घर नहीं पहुंच पाना बताया. उन्होंने कहा कि वे लगातार पांच वर्षों से हलके में डटे रहे और क्षेत्र में विकास के नए आयाम स्थापित किए, लेकिन हार होने का अंदेशा नहीं था. साथ ही विधायक नैना चौटाला (Naina Chautala) पर भी कटाक्ष किया कि अगर ये इतनी सक्षम होती तो डबवाली का मैदान नहीं छोड़ती.

पूर्व विधायक सुखविंद्र मांढी ने मंगलवार को कस्बा झोझू कलां में हलके के कार्यकर्ताओं की मीटिंग ली और हार की समीक्षा की. इस दौरान पूर्व विधायक ने कहा कि उनके विधायक कार्यकाल के दौरान दादरी जिला में अनेक ऐतिहासिक कार्य करवाएं. दादरी को जिला तो बाढड़ा को उपमंडल का दर्जा दिलाने के साथ-साथ रिकॉर्ड विकास कार्य करवाकर क्षेत्र में अग्रीम पंक्ति में खड़ा करने का कार्य किया.

चुनाव के दौरान मुझे हराने के लिए दो बड़े राजघरानों के प्रत्याशी, जिनका इस क्षेत्र में वोट तक नहीं है को मैदान में उतारने की साजिश रची गई. फिर भी क्षेत्र की जनता ने उसे करीब 35 हजार वोट दिए. मांढी ने कहा कि पिछले पांच वर्ष के दौरान अधूरे विकास कार्यों को सरकार की मदद से पूरा करवाने के लिए वे हर संभव क्षेत्र में लोगों की सेवा के लिए तत्पर रहेंगे. आगामी विधानसभा चुनाव में वे फिर से दोगुनी मेहनत कर जनता के बीच जाएंगे. कार्यकर्ता मीटिंग के बाद जिलाध्यक्ष रामकिशन शर्मा की अध्यक्षता में पार्टी पदाधिकारियों ने हार की समीक्षा भी की.

ये भी पढ़ें-

करतारपुर कॉरिडोर के शुरू होने पर पाकिस्‍तानी ड्राइवर ने जीता दिल, कहा - 'बहुत खुशी है कि आप यहां हैं'

करतारपुर कॉरिडोर के खुलने से भारत-पाकिस्तान संबंधों में काफी सुधार होगा: मनमोहन सिंह

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए चरखी दादरी से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: November 12, 2019, 3:23 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर