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कर्ज से परेशान होकर किसान ने की थी आत्महत्या, अब परिवार मांग रहा इच्छा मृत्यु

Pardeep Sahu | News18 Haryana
Updated: March 19, 2019, 6:01 PM IST
कर्ज से परेशान होकर किसान ने की थी आत्महत्या, अब परिवार मांग रहा इच्छा मृत्यु
मृतक किसान की पत्नी

5 जनवरी को जिले के गांव बास रानीला निवासी 52 वर्षीय किसान धनपत सिंह ने कर्ज से परेशान होकर आत्महत्या कर ली थी. परिजनों के अनुसार खेती में आय नहीं होने के चलते किसान द्वारा आत्महत्या की थी.

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कर्ज से परेशान होकर आत्महत्या करने वाले किसान का परिवार आर्थिक संकट से जुझ रहा है. हालात ऐेसे हैं कि पड़ोसियों से आटा लेकर दो जून की रोटी का जुगाड़ करना पड़ रहा है. ऐसे में किसान की पत्नी ने जहां सीएम के नाम संवेदना पत्र लिखकर परिवार सहित इच्छामृत्यु की मांग की है. वहीं ग्रामीण पीड़ित परिवार के पक्ष में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं. ग्रामीणों ने निर्णय लिया है कि ऐसे हालातों में भी किसान परिवार की कोई सुध नहीं ली है. इसलिए वे लोकसभा चुनाव का बहिष्कार करते हुए कोई भी ग्रामीण वोट नहीं डालेगा.

बता दें कि गत 5 जनवरी को जिले के गांव बास रानीला निवासी 52 वर्षीय किसान धनपत सिंह ने कर्ज से परेशान होकर आत्महत्या कर ली थी. परिजनों के अनुसार खेती में इनकम नहीं होने के चलते किसान द्वारा आत्महत्या की थी. क्योंकि किसान द्वारा गांव में दूसरे लोगों की जमीन किराये पर लेकर काश्त कर रहा था. पहले दो बेटों का एक्सीडेंट फिर बेटी की शादी के लिए कर्ज लेना पड़ा. लगातार कर्ज बढ़ता रहा और खेती से इनकम ना के बराबर हो रही थी, जिसको लेकर किसान धनपत सिंह लगातार परेशान रहता था और बीती रात खेत में जाकर पेड़ से फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली.

आटा मांगकर रोटी का कर रहे हैं जुगाड़

किसान पत्नी व परिजन लगातार प्रशासन व जनप्रतिनिधियों के चक्कर लगाकर थक गए. हारकर उनको पड़ोसियों से आटा उधर में लेकर दो समय की रोटी का जुगाड़ करना पड़ रहा है. किसान आत्महत्या मामले में पत्नी सहित परिवार के सदस्यों ने संयुक्त रूप से सीएम को वेदना पत्र लिखकर इच्छा मृत्यु की मांग की है. साथ ही कहा कि उनको सरकार की ओर से कोई सहायता नहीं मिलने पर यह कदम उठाया है. मृतक किसान की पत्नी ने संवेदना पत्र जनप्रतिनिधियों व उपायुक्त के माध्यम से सीएम को भेजा है.

धरने पर ग्रामीण, वोटिंग का बहिष्कार

किसान संगठनों सहित ग्रामीणों द्वारा गांव के पंचायत भवन में अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया गया है. ग्रामीणों ने एकजुट होकर निर्णय लिया कि किसान परिवार की अब तक ग्रामीणों द्वारा मदद की गई. मौजिज मनीराम नंबरदार और विक्रम ने कहा कि काफी दौड़ भाग के बावजूद भी सरकार की ओर से किसान परिवार को कुछ सहायता नहीं मिली. ऐसे में ग्रामीणों ने भी अब फैसला लिया है कि लोकसभा चुनाव का बहिष्कार करते हुए कोई भी ग्रामीण वोट नहीं डालेगा. हालांकि किसान संगठनों व ग्रामीणों द्वारा चुनाव में भाजपा का राजनीतिक बहिष्कार भी किया गया है.

सरकार को किसान परिवार की मदद करनी चाहिए
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पूर्व मंत्री सतपाल सांगवान ने कहा कि भूखमरी व कर्ज से परेशान होकर आत्महत्या करने वाले किसान की मदद के लिए सरकार को आगे आना चाहिए. क्योंकि जिस परिवार के पास कुछ नहीं है, वह कितने दिन मांगकर खाएगा.

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First published: March 19, 2019, 5:56 PM IST
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