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हरियाणा: लुप्त होती जा रही मेलों की पुरानी परम्पराएं, स्वामी दयाल धाम पर आज भी हैं जिंदा

हरियाणा: लुप्त होती जा रही मेलों की पुरानी परम्पराएं, स्वामी दयाल धाम पर आज भी हैं जिंदा

कोरोना के नियमों को देख मेले में लगी भीड़

कोरोना के नियमों को देख मेले में लगी भीड़

Haryana News: बाबा स्वामी दयाल धाम श्रधालुओं ने पूजा अर्चना कर मन्नतें मांगी. मान्यता है कि उपले, अनाज, झाडू, दही, चूरमा चढ़ाने व मिट्टी निकालने से कई प्रकार रोग खत्म होते हैं.

चरखी दादरी. पुराने इतिहास व परम्पराओं की बात करें तो आज के दिन मेलों की पुरानी परम्पराएं लुप्त होती जा रही है. पहले कही जब हर त्यौहार (Festival) पर मेलों का आयोजन हुआ करता था तो लोग दूर-दूर गांवों से मेले में बच्चों सहित पूरा परिवार मेला देखने के लिए आते थे ओर जमकर खरीदारी करते थे. लगने वाले मेलों में कुश्ती का भी आयोजन हुआ करता था जिसमें अलग-अलग गांवों से पहलवान आकर अपना दम दिखाते थे, मेले की तरफ से पहलवानों (Wrestlers) के विशेष ईनाम भी रखा जाता था. आजकल गांव आदि में कभी-कभार मेला लगता दिखाई देता है.

पहले जो मेले लगते थे उसको लेकर श्रद्धालु काफी दिन पहले ही लगने वाले का इंतजार करने लगते थे. लेकिन चरखी दादरी में हर वर्ष की भांति इस बार भी जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में श्यामसर तालाब क्षेत्र स्थित बाबा स्वामी दयाल मंदिर में विशाल मेले का आयोजन किया गया. कोरोना के नियमों को ध्यान में रखते हुए मेले में हजारों श्रद्धालुओं ने बाबा स्वामी दयाल की पूजा-अर्चना कर मन्नतें मांगी. मेले में श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए यहां विशेष प्रबंध किए गए थे.

वहीं सेवकों का दल व्यवस्था को सुचारु चलाने में जुटा रहता है. सोमवार को सुबह से ही दादरी जिले के 19 गांवों से भी ज्यादा गांव के सभी जातियों के श्रद्धालु टै्रक्टर-ट्रालियों में सवार होकर बाबा स्वामीदयाल भवन में पहुंचने शुरू हो गए थे. देखते ही देखते मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का तांता लग गया. मन्नत के लिए बाबा स्वामी दयाल धाम पर श्रद्धालुओं ने उपले, अनाज, झाडू, दही, चूरमा इत्यादि से पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामनाएं की.

महिलाओं, बच्चों ने मेले में जमकर खरीददारी की. मंदिर से काफी दूर तक मेला लगा हुआ था. इस मौके पर श्रद्धालुओं ने बाबा स्वामीदयाल मंदिर में मिट्टी निकाल परिवार के लिए सुख-शांति की मन्नतें मांगी. मान्यता है कि उपले, अनाज, झाडू, दही, चूरमा चढ़ाने व मिट्टी निकालने से कई प्रकार की बिमारियों सहित चर्म रोग ठीक होते हैं. मेले में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए स्वयं सेवक एवं पुलिस बल भी तैनात रहा. फौगाट खाप व बाबा स्वामी दयाल सेवा संघ का इस धार्मिक आयोजन में विशेष योगदान रहता है.

Tags: Festival

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