60 साल से पर्यावरण बचाने की मुहिम चला रहे हैं 'पेड़ बाबा'

सत्यदेव ने क्षेत्र में अपने अनूठे कार्य से मिसाल कायम कर रखी है. उनकी इस मुहिम को देखते हुए पंजाब के तत्कालीन राज्यपाल द्वारा उन्हें रेड एण्ड वाईटस बहादुरी पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है.

Pardeep Sahu | News18 Haryana
Updated: June 5, 2019, 4:21 PM IST
60 साल से पर्यावरण बचाने की मुहिम चला रहे हैं 'पेड़ बाबा'
पेड़ बाबा
Pardeep Sahu
Pardeep Sahu | News18 Haryana
Updated: June 5, 2019, 4:21 PM IST
पेड़ बाबा के नाम से विख्यात चरखी दादरी के 86 वर्षीय सत्यदेव सांगवान पर पर्यावरण बचाने का जुनून इस कदर चढ़ा है कि वे पिछले 60 साल से लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने के लिए अभियान चला रहे हैं. सत्यदेव ने क्षेत्र में अपने अनूठे कार्य से मिसाल कायम कर रखी है. उनकी इस मुहिम को देखते हुए पंजाब के तत्कालीन राज्यपाल द्वारा उन्हें रेड एण्ड वाईटस बहादुरी पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है.

उम्र के आखिरी पड़ाव में भी पर्यावरण बचाने के लिए मुहिम छेड़े हुए हैं. इतना ही नहीं बल्कि वे पेड़ लगाने के साथ-साथ उनका लालन-पोषण भी अपने खर्चे से करते हैं. पहले साइकिल पर चलकर पेड़ों की देखभाल की दिनचर्या रहती थी अब उम्र अधिक होने व बीमार होने के बाद वे स्कूटी पर पोती के साथ चलकर पेड़ों की देखभाल कर रहे हैं. दादा से प्रेरणा लेकर उनकी पोती भी अभियान में उनके साथ जुड़ी है और दादा के वर्षों पुराने पेड़ों की देखभाल कर रही है.

सत्यदेव सांगवान एक ऐसे पर्यावरण प्रेमी भी हैं, जो पेड़ पौधों को बचाने की मुहिम में लगे हुए हैं. सांगवान ये मुहित पिछले 60 साल से चला रहे हैं. उन्होंने खुद तो करीब 15 हजार से अधिक पौधे लगाए हैं. अपनी इस मुहिम में अन्य संगठनों को भी शामिल कर करीब तीन लाख से अधिक पौधे उनसे भी लगवा दिए हैं. सत्यदेव लोगों से ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाने का आह्वान करते हैं और जो लगे हैं, उन्हें भी अपने बेटे-बेटियों की तरह उनकी रक्षा का संकल्प भी दिलाते हैं.

वो पर्यावरण को बचाने के लिए पौधे तो लगाते ही हैं, साथ ही नि:शुल्क पेड़ बांटकर लोगों को पर्यावरण बचाने के लिए प्रेरित करते हैं. सत्यदेव सांगवान अपने घर पर ही नर्सरी तैयार करते हैं और हर वर्ष बारिश के दिनों में जगह-जगह घूमकर बड़ व पीपल के पेड़ लगाते हैं. इतना ही नहीं बल्कि लगाए गए पेड़ों की उनकी पास पूरी लिस्ट है और लिस्ट अनुसार वे लगाए गए पेड़-पौधों का लालन-पोषण कर रहे हैं. सत्यदेव सांगवान 17 वर्ष भारतीय सेना में सेवा के दौरान 1962 और 1965 के दो युद्धों में देश के बहादुर सिपाही होने का गौरव हासिल कर चुके हैं.

बचपन से वक्ष मित्र सत्यदेव ने सेना में कार्य करते हुए भी अवसर मिलने पर पेड़ लगाने और उनकी परवारिश करने बीड़ा उठाया है. इनकी प्रवति उस समय और बढ़ गई जब हरियाणा राज्य परिवहन ने चालक के पद पर कार्यरत हुए. जिस मार्ग पर बस चलाई, उसी बस स्टैण्ड पर बड़ व पीपल के पेड़ लगाकर उनका प्रतिदिन देखभाल करते थे. परिवहन विभाग से सेवानिवृति के बाद विभिन्न संगठनों के साथ मिलकर पेड़-पौधे लगाना शुरू कर दिया.

वो हर वर्ष अपने ही घर में लगभग 500-600 बड़ व पीपल के वृक्षों की नर्सरी लगाते हैं, जिसमें कुछ जरूरतमंदों को नि:शुल्क बांट देते हैं, बाकी सार्वजनिक व धार्मिक स्थलों पर स्वयं लगाकर उनकी परवरिश करते हैं. पेड़ बाबा सत्यदेव सांगवान ने बताया कि वे अपने जीवनकाल में अब तक करीब 15 हजार पेड़ लगा चुके हैं. स्वयं के संसाधनों से बड़ व पीपल के पौधों की नर्सरी के पौधों का आसपास के गांवों में वितरित भी किए हैं.

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