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    हांसीः इलाज नहीं मिलने से कोरोना मरीज की मौत, बेटे ने सीएम विंडो में की शिकायत, जांच शुरू

    मामले की जांच शुरू हो गई है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)
    मामले की जांच शुरू हो गई है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)

    हरियाणा के हांसी के सिविल अस्पताल में एक कोरोना (COVID-19) मरीज की हुई मौत के मामले में सीएम विंडो की शिकायत पर जांच शुरू हो गई है. मरीज के बेटे के अस्पताल के डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया है,

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    हांसीः हरियाणा के हांसी के सिविल अस्पताल में कोरोना (COVID-19) मरीज की इलाज नहीं मिलने से हुई मौत के मामले में सीएम विंडो की शिकायत पर जांच शुरू हो गई है. तो वहीं आरोप है कि अस्पताल प्रशासन लापरवाही बरतने वाली महिला डॉक्टर को बचाने में सिविल अस्पताल प्रशासन कोई कसर नहीं छोड़ रहा है. जांच में शामिल होने पहुंचे मृतक के बेटे को भी सवालों में उलझाने का प्रयास किया गया. हैरत की बात ये है कि घटना वाले दिन इमरजेंसी में तैनात रही महिला डॉक्टर की लापरवाही के बारे में मीटिंग में कोई बात नहीं हुई. मृतक के बेटे ने अभी तक की जांच से असंतुष्टता जाहिर की है और अस्पताल प्रशासन पर दोषी डाक्टरों को बचाने का आरोप लगाया.

    ये था पूरा मामला

    बीते 3 अक्टूबर को सिविल अस्पताल में एक बुजुर्ग व्यक्ति कोरोना टेस्ट करवाने के लिए आया था. कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद बुजुर्ग की तबीयत बिगड़ गई थी. स्वजनों ने ड्यूटी पर तैनात डाक्टरों पर बुजुर्ग को सही समय पर इलाज ना देने का आरोप लगाया था. मृतक के बेटे का आरोप है कि सिविल अस्पताल में तड़प रहे उनके पिता को कई घंटे तक डाक्टरों ने नहीं संभाला. इस मामले में मृतक के बेटे द्वारा सीएम विंडो पर शिकायत दर्ज करवाई गई थी जिसकी जांच शुरू हो चुकी है. एसएमओ की अगुवाई में डाक्टरों की तीन सदस्ययी टीम जांच कर रही है.




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    निगरानी कमेटी के चेयरमैन प्रवीण बंसल में मीटिंग में मौजूद थे. मृतक के बेटे ने आरोप लगाया है कि जांच में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर की लापरवाही की जांच करने के बजाए अन्य बातों से मामले को उलझाने का प्रयास किया गया और इस मामले में जांच से वह बिल्कुल संतुष्ट नहीं है. उन्होंने कहा कि वह इस मामले में कानूनी राय ले रहे हैं और अगर दोषी डाक्टर पर कार्रवाई नहीं की जाती तो कोर्ट जाने का रास्ता खुला हुआ है.
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