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हिसारः एक ही दिन में हुए थे 3 मर्डर, अब कोर्ट ने 8 लोगों को पाया दोषी, 5 मार्च को होगी सजा

(फाइल फोटो)

(फाइल फोटो)

हिसार (Hisar) के शेखपुरा गांव में 13 मार्च 2017 को फाग के दिन ट्रिपल मर्डर (Triple Murder) मामले में आठ आरोपितों को कोर्ट (Court) ने दोषी करार दिया है. अब अदालत शेखपुरा निवासी अशोक कृष्ण अजीत उमेद रामफल संदीप सुभाष दलेल को प्रदीप मुकेश और रामकुमार की हत्या मामले में पांच मार्च को सजा सुनाएगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 2, 2021, 10:30 PM IST
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हिसार. हांसी (Hansi) के शेखपुरा गांव में 13 मार्च 2017 को फाग के दिन ट्रिपल मर्डर (Triple Murder) मामले में मंगलवार को एडीजे वेद प्रकाश सिरोही की अदालत (Court) ने 8 लोगों को दोषी करार दिया है. अदालत सभी आरोपियों को पांच मार्च को सजा सुनाएगी. पुलिस ने आरोपियों को वेद प्रकाश सिरोही कि अदालत में पेश किया, जहां शेखपुरा निवासी अशोक, अजीत, उमेद, रामफल, संदीप, सुभाष, दलेल और फतेहाबाद के कुकड़ावाली गांव निवासी कृष्ण उर्फ गोलू को दोषी करार दिया.

अदालत में अब दोषियों को 5 मार्च को सजा सुनाई जाएगी. दोषियों ने शेखुपरा निवासी प्रदीप, मुकेश और उनके चाचा रामकुमार की हत्या की थी. आरोप तत्कालीन डीएसपी भगवानदास पर भी लगे थे. वारदात के दो दिन बाद डीएसपी भगवान दास ने पंचकूला की जीओ मैस में खुद को गोली मारकर सुसाइड कर लिया थी. पीड़ित पक्ष के वकील जेएस मल्ली और प्रदीप श्योराण ने बताया कि 10 आरोपियों में से कोर्ट ने दो को बरी कर दिया है.इनमें फतेहाबाद कुकड़ावाली गांव के दोषी करार दिए गए कृष्ण उर्फ गाेलू का भाई अशोक उर्फ काला और इनके साथी सुरेश को बरी किया गया है. इन पर आरोपियों को पनाह देने पर 216 धारा के तहत मामला दर्ज था.

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क्या था मामला ऐसे समझिए 
शेखपुरा निवासी संजय ने सदर थाना हांसी में शिकायत दी थी कि फाग के दिन सुबह 10.30 बजे शेखपुरा निवासी संदीप का उसके छोटे भाई मुकेश उर्फ किन्नु के साथ पुरानी रंजिश को लेकर झगड़ा हो गया. उस दौरान उसने और उसके पिता राजकुमार ने बीच-बचाव करके दोनों पक्षों को समझाकर शांत किया. संजय ने बताया था कि उनका और सुभाष का घर आमने-सामने है. वारदात के दिन वह अपने पिता रामकुमार, छोटे भाई अमित, देव और मुकेश उर्फ किन्नु के साथ दोपहर 3 बजे के करीब अपने घर पर था. उस दौरान किसी ने दरवाजा खटखटाया तो पिता रामकुमार ने गेट खोला. अब उसने देखा कि बाहर नीली बत्ती लगी सफेद रंग की गाड़ी में शेखुपरा निवासी डीएसपी भगवानदास बैठा था.

आरोप है कि डीएसपी ने ललकारा लगाते हुए कहा कि राजकुमार के परिवार और उसके साथियों को खत्म कर दो. बाकी वह संभाल लेगा. आरोप था कि इतना सुनते ही सुभाष, संदीप, कृष्ण उर्फ गोलू, रामफल, पवन, हरिपाल, सुरेश, ताराचंद, सतपाल, गोलु, उमेद रावत, नत्थुराम, दलेल, अशोक उर्फ पपल, भूप सिंह, सोनू, अजीत, रामफल, हवा सिंह, उमेद रावत, उमेद रावत का बड़ा बेटा पप्पू उर्फ सतनारायण, रामचंद्र, मोहित और 4-5 अन्य वहां हथियारों से लैस होकर आए. उनके पास राईफल, पिस्तौल, लाठी, जेलियां, फरसे थे. आरोपित सुभाष, अशोक उर्फ पपल और रामफल पिस्तौल लिए हुए थे, इन तीनों ने उसके पिता रामकुमार पर फायर कर दिया. जिसमें गोली लगने से पिता रामकुमार की मौके पर ही मौत हो गई. गोली की आवाज सुनकर गांव का ही बलबीर और उसके भतीजे संदीप, राजेश, प्रदीप, मुकेश और दयानंद वहां आ गये.

हमलावरों ने ताबड़तोड़ चलाई थीं गोलियां

ऐसे में हमलावरों ने इन लोगों पर भी गोलियां चला दीं, जिससे प्रदीप और मुकेश की मौके पर ही मौत हो गई. वहीं राजेश घायल हो गया. संजय ने बताया कि हमले में उसे और उसके भाई मुकेश उर्फ किन्नु को भी चोटें आई थीं. इशके बाद मौके पर ग्रामीण एकत्र हो गए तो आरोपित हथियारों सहित मौके से फरार हो गए. आरोप है कि जाते समय हमलावर रामकुमार और बलबीर प्रधान के परिवार को भी जान से मारने की धमकी देकर गए. इसके बाद संजय की शिकायत पर हांसी सदर थाना ने आर्म्स एक्ट 25, 109, 147, 148, 149, 302, 307, 323, 506 के तहत 23 नामजद और 4-5 अन्य पर मामला दर्ज किया था. मामले में डीएसपी भगवान दास ने पंचकूला की जीओ मैस में 15 मार्च को खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी.

मामले में डीएसपी के भाई राेशन की शिकायत पर दूसरे गुट के 14 लोगों पर मामला दर्ज किया था. इस वारदात के बाद भी शेखपुरा गांव में दोनों गुटों के बीच विवाद चलता रहा. पुलिस ने आखिरी आरोपी कृष्ण उर्फ धोलू को 4 अगस्त को 2019 में गिरफ्तार किया गया था. इस मामले में पुलिस ने पिछले साल 22 अगस्त को चार्जशीट पेश की थी.

दूसरे गुट ने डीएसपी की सुसाइड मामले में दी थी शिकायत

मामले में दूसरे गेट सेशेखपुरा निवासी रोशन ने पंचकूला के थाना चण्डी मन्दिर में शिकायत दी थी. रोशन ने बताया कि 13 मार्च 2017 को गांव में रामकुमार गुट और सुभाष गुट का आपस में झगड़ा हो गया था. उस झगड़े में मौत के मामले में संजय ने 23 नामजद 4-5 अन्य के खिलाफ मामला दर्ज करवाया था, जिसमें उसके ताऊ के बेटे डीएसपी भगवान दास और सत्यनारायण उर्फ पप्पू का नाम चुनावी रंजिश के कारण लिखवा दिया था. झगड़े में भगवान दास का नाम आने के कारण उसे पंचकुला हेडक्वार्टर भेज दिया था. 14 मार्च 2017 को डीएसपी पंचकुला चले गए थे, वहां जीओ मैस पुलिस लाइन पंचकुला में 15 मार्च 2017 को फोन से सूचना मिली कि डीएसपी भगवान दास ने खुद को गोली मार ली है और वह पंचकुला के निजी अस्पताल में दाखिल है.

उनसे सुसाईड नोट भी बरामद हुआ था. जिसमें भगवान दास ने शेखपुरा गांव के बलबीर सिरादना और संजय, अमित, देव, पिन्नु पुत्रान रामकुमार कामरेड व संदीप उर्फ गुणिया, राजेश व रामेश्वर, रविन्द्र, रविन्द्र का बेटा दीपक, धर्मवीर कोहली व कुलदीप, सन्दीप, मनदीप, संदीप से दुखी होकर अपनी जीवन लीला खत्म करने के लिए खुद को गोली मार ली. उपचार के दौरान डीएसपी की मौत हो गई थी, जिसके बाद आरोपितों पर 306 का मामला दर्ज हुआ था.
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