जिला बनने के एक दशक बाद भी सुविधाओं के कमी से जूझ रहा है मेवात
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जिला बनने के एक दशक बाद भी सुविधाओं के कमी से जूझ रहा है मेवात
मेवात को जिला बने हुए एक दशक बीत जाने के बाद भी यहां कई सुविधाओं की कमी है.

मेवात को जिला बने हुए एक दशक बीत जाने के बाद भी यहां कई सुविधाओं की कमी है.

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मेवात को जिला बने हुए एक दशक बीत जाने के बाद भी यहां कई सुविधाओं की कमी है.

जिला मुख्यालय नूहं में करीब पांच दशक से चल रहा गुड़गांव केन्द्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड स्टाफ की कमी के अलावा कई प्रकार की समस्याओं से जूझ रहा है. इसका खामियाजा आम आदमी से लेकर बैंक कर्मचारियों को भुगतना पड़ रहा है.

दरअसल, बैंक के अंतर्गत 22 गांव आते हैं और 4000 के करीब स्कूली बच्चों के खाते से लेकर अन्य खाते भी हैं. महज तीन कर्मचारियों और अधिकारियों के सहारे जिला मुख्यालय नूहं शहर में को-ऑपरेटिव बैंक चल रहा है.



कर्मचारी जिला स्तरीय सुविधाओं के लिए कई साल से लोगों की मांग पर आला अधिकारियों को पत्राचार कर रहे हैं. अब सवाल इस बात का है की अगर बड़ा लोन लेना हो या फिर बड़ी रकम लेनी हो तो गुडगांव के बिना संभव नहीं है.
जिला बनने के दस साल बाद भी यहां जिला स्तरीय सुविधाओं का टोटा है. जिले के लोगों ने कहा की स्टाफ की कमी और जिला स्तरीय बैंक नहीं होने के कारण उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. जिले के लोगों ने सरकार से मांग की है की जल्द से जल्द लोगों की सुविधाओं के लिए जरूरी दिशा-निर्देश दिए जाएं.
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