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हरियाणा में स्‍कूलों की जर्जर हालत पर जागा शिक्षा निदेशालय, दिए ये निर्देश

हरियाणा में ज्‍यादातर सरकारी स्‍कूल जर्जर हालत में हैं.

हरियाणा में ज्‍यादातर सरकारी स्‍कूल जर्जर हालत में हैं.

शिक्षा निदेशालय पंचकूला ने फरीदाबाद सहित सभी जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, जिला परियोजना समग्र अधिकारियों से 25 सितंबर तक कंडम व जर्जर स्‍कूलों या स्‍कूली कमरों का ब्यौरा मांगा है.

  • News18Hindi
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    नई दिल्‍ली. हरियाणा के सोनीपत (Sonipat) में आज स्‍कूल की छत गिरने के कारण करीब 27 छात्र-छात्राओं के घायल होने की घटना से हड़कंप मच गया है. हालांकि राज्‍य के ज्‍यादातर सरकारी स्‍कूलों की हालत जर्जर और कंडम हो चुकी हैं. इसी को लेकर अभिभावक (Parents) संगठित रूप से कई बार शिकायतें कर चुके हैं. जिसके बाद अब शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला शिक्षाधिकारियों को निर्देश दिए हैं.

    हाल ही में अभिभावक एकता मंच की ओर से अतिरिक्त मुख्य सचिव शिक्षा डॉ महावीर सिंह को सरकारी स्कूलों (Government Schools) की कंडम व जर्जर हो चुकी बिल्डिंग व कमरों को लेकर पत्र लिखा गया था. इसके साथ ही पुराने स्‍कूलों को ठीक कर नए कमरे बनवाने की मांग की गई थी. जिस पर संज्ञान लेते हुए शिक्षा निदेशालय (Directorate of Education) पंचकूला ने फरीदाबाद सहित सभी जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, जिला परियोजना समग्र अधिकारियों से 25 सितंबर तक कंडम व जर्जर स्‍कूलों (Shabby Schools) या स्‍कूली कमरों का ब्यौरा मांगा है.

    हरियाणा में सरकारी स्‍कूलों की जर्जर हालत को लेकर अभिभावक लगातार शिकायतें करने के साथ ही कोर्ट का भी दरवाजा खटखटा चुके हैं.

    हरियाणा में सरकारी स्‍कूलों की जर्जर हालत को लेकर अभिभावक लगातार शिकायतें करने के साथ ही कोर्ट का भी दरवाजा खटखटा चुके हैं.

    शिक्षा निदेशालय की ओर से निर्देश दिया गया है कि ब्‍यौरे में स्‍कूल का नाम, छात्र संख्या, स्कूल में क्लास रूम, कंडम क्लास रूम, पीडब्ल्यूडी द्वारा स्कूल भवन को कंडम घोषित किया गया है या नहीं, कक्षा या स्‍कूलों को लेकर मांग बतानी होगी. हरियाणा अभिभावक एकता मंच के प्रदेश महासचिव कैलाश शर्मा और ऑल इंडिया पेरेंट्स एसोसिएशन आईपा (AIPA) के जिला अध्यक्ष एडवोकेट बीएस विरदी ने कहा कि शिक्षा निदेशालय से इस विषय पर पहले भी कई पत्र आए हैं लेकिन अभी तक जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने उस पर कोई भी उचित कार्रवाई नहीं की.

    मंच का कहना है कि अगर इस बार भी ऐसा हुआ तो एक बार फिर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में जनहित याचिका डालकर इस मुद्दे वही मांग की जाएगी जैसे अनंगपुर, तिगांव, फरीदपुर, मोहना, गोच्छी में बन रही तीन चार मंजिली आधुनिक स्कूल बिल्डिंग को लेकर हुई थी. इसके साथ ही याचिका में जिला शिक्षा अधिकारी फरीदाबाद को भी पार्टी बनाया जाएगा.

    वहीं प्रदेश महासचिव कैलाश शर्मा ने कहा कि अकेले फरीदाबाद जिले में ही 36 स्कूलों के 177 कमरे तो वे हैं जिन्हें पीडब्ल्यूडी ने चार पांच साल पहले ही कंडम व जर्जर घोषित कर रखा है. इसके अलावा 30 से ज्यादा ऐसे स्कूल हैं जिनके काफी कमरे कंडम और जर्जर हो चुके हैं लेकिन जिनको पीडब्ल्यूडी ने कंडम घोषित नहीं किया है. हालांकि उनकी जानकारी संबंधित प्रिंसिपल व हेड मास्टर ने लिखित में कई बार जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय को भेजी है.

    मंच का कहना है कि इस जानकारी के बाद आज तक जिला शिक्षा अधिकारी ने ना तो ऐसे स्कूलों के कमरों का निरीक्षण किया और ना ही पीडब्ल्यूडी से उनको कंडम व जर्जर घोषित करवाने की कोशिश की.

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