हरियाणा में सामने आया डेंगू का दूसरा मामला, बच्ची की हालत नाजुक
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हरियाणा में सामने आया डेंगू का दूसरा मामला,  बच्ची की हालत नाजुक
हरियाणा के मेवात जिले में डेंगू ने अपने पैर पसारने शुरू कर दिए है. मेवात जिले के बिसरू गांव में शहनाज उम्र 6-7 साल में डेंगू के लक्षण पाए गए है. डेंगू से पीड़ित लड़की का इलाज फरीदाबाद के मेट्रो अस्पताल में चल रहा है. लड़की की हालत नाजुक बनी हुई है.

हरियाणा के मेवात जिले में डेंगू ने अपने पैर पसारने शुरू कर दिए है. मेवात जिले के बिसरू गांव में शहनाज उम्र 6-7 साल में डेंगू के लक्षण पाए गए है. डेंगू से पीड़ित लड़की का इलाज फरीदाबाद के मेट्रो अस्पताल में चल रहा है. लड़की की हालत नाजुक बनी हुई है.

  • Last Updated: August 17, 2015, 10:48 AM IST
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हरियाणा के मेवात जिले में डेंगू ने अपने पैर पसारने शुरू कर दिए है. मेवात जिले के बिसरू गांव में शहनाज उम्र 6-7 साल में डेंगू के लक्षण पाए गए है. डेंगू से पीड़ित लड़की का इलाज फरीदाबाद के मेट्रो अस्पताल में चल रहा है. लड़की की हालत नाजुक बनी हुई है.

बच्ची  को प्लेटलेट से लेकर हर प्रकार की दवाई दी जा रही है. आप को बता दे कि सप्ताह पहले भी बिसरू गांव में डेंगू का मामला सामने आया था. बिसरू गांव के डेंगू पीड़ित माजिद की तीन दिन पहले मौत हो गई.

जब की मेवात स्वास्थ्य विभाग को मिडिया के माध्यम से जानकारी मिल गई थी लेकिन स्वास्थ्य विभाग अपनी मनमानी के चलते अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठा पाया है.



डेंगू बीमारी के फैलने की वजह से गांववासी डरे हुए है. लड़की के पिता ने फोन पर बताया कि जांच में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है. इस समय सिर्फ 13000 हजार प्लेटलेट रह गई है. अभी जांच और इलाज चल रहा है.
ग्रामीणों ने बताया कि पहले बुखार आता है धीरे-धीरे बड़ी बीमारी की चपेट में आते है. गांव में गंदगी, जलभराव के अलावा सफाई का इंतजाम बेहतर नहीं है. छिड़काव भी अब स्वास्थ्य विभाग गांव में नहीं कराता. ना ही स्वास्थ्य विभाग समय पर गांव में कैम्प लगाता है.

एक तो बिजली नहीं आती उसपर मच्छरों की भरमार है. कुल मिलाकर स्वास्थ्य विभाग भले ही मलेरिया, डेंगू, डायरिया जैसे बुखार से निपटने के भले ही कागजी दावे करे लेकिन मेवात जिले के डेंगू के दो मामले ने सवास्थ्य विभाग की पोल खोल दी है.

परिजनों के मुताबिक सरकारी अस्पताल में खून से लेकर डाक्टरों की कमी है इसलिए निजी अस्पताल में इलाज कराना पड़ रहा है. उन्होंने कहा की अगर सरकारी अस्पताल में भर्ती कराते तो जान चली जाती क्योंकि देखरेख से लेकर इलाज की सुविधा नहीं है. ग्रामीण जल्दी ही स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज तथा सी एम मनोहर लाल खट्टर से शिकायत करेंगे.
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