सिविल अस्पताल पहुंची मानवाधिकार आयोग की टीम

deepak kumar | ETV Haryana/HP
Updated: June 16, 2015, 10:36 PM IST
सिविल अस्पताल पहुंची मानवाधिकार आयोग की टीम
सिविल अस्पताल में हो रही लापरवाही और अस्पताल की खामियों की शिकायत मिलने के बाद राष्ट्रीय मानव अधिकार टीम फरीदाबाद के सिविल अस्पताल बादशाह खान में पहुंची और अस्पताल में मरीजों से बात की तथा अस्पताल का निरिक्षण किया.

सिविल अस्पताल में हो रही लापरवाही और अस्पताल की खामियों की शिकायत मिलने के बाद राष्ट्रीय मानव अधिकार टीम फरीदाबाद के सिविल अस्पताल बादशाह खान में पहुंची और अस्पताल में मरीजों से बात की तथा अस्पताल का निरिक्षण किया.

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सिविल अस्पताल में हो रही लापरवाही और अस्पताल की खामियों की शिकायत मिलने के बाद राष्ट्रीय मानव अधिकार टीम फरीदाबाद के सिविल अस्पताल बादशाह खान में पहुंची और अस्पताल में मरीजों से बात की तथा अस्पताल का निरिक्षण किया.

आपको बता दें कि हाल ही में इसी सिविल अस्पताल बादशाह खान में लापरवाही के चलते एक गर्भवती महिला की मौत हो गई थी ऐसी ही कुछ लापरवाही और अस्पताल में कुछ खामियों की शिकायत मिलने के बाद राष्ट्रीय मानव अधिकार की टीम यहाँ तीन दिवसीय निरिक्षण पर पहुंची, लेकिन मीडिया के कैमरे के सामने आने के कारणों के बारे बताने से बचती नजर आई.

सिविल अस्पताल बादशाह खान को निजी मल्टीनेशनल अस्पतालों की तर्ज पर करोड़ों रुपये खर्च कर बनाया गया था, ताकि यहां पर गरीब मरीजों को अच्छे स्तर पर इलाज मिल सके, लेकिन आज इस अस्पताल की दुर्दशा हो रही है. यहां के डॉक्टर मरीजों के प्रति कितने संजीदा है, यह आपको यहां इलाज कराने आए मरीज ही बता सकते हैं.

एक मरीज बताता है कि वह यहां उल्‍टी और दस्त से परेशान होकर इलाज कराने के लिए आया था, लेकिन यहां आने के बाद उसके हाथ में दवाई की पर्ची थमा दी गई और कहा कि यहां दवाई नहीं है बाहर से लाओ. इससे पहले भी वह दवाई बाहर से ला चुका है और जब वह इसकी शिकायत लेकर अस्पताल के प्रधान चिकित्सा अधिकारी से मिलने गया तो पोल खुलने के डर से उसे मिलने ही नहीं दिया गया क्योकि वहां राष्ट्रीय मानव अधिकार की टीम बैठी थी.

वहीं, शिकायतकर्ता आभास चंदीला की माने तो यहां एक गर्भवती महिला की इलाज में लापरवाही बरतने से मौत हो गई थी, जिसके बारे में हम अस्पताल के अधिकारियों से लेकर जिला उपायुक्त तक सभी से मिल चुके हैं, लेकिन मृतक महिला के परिजनों को अब तक न्याय नहीं मिल पाया है.

अस्पताल में मरीजों के लिए न दवाई है, न पीने के लिए पानी है और न ही यहां पर किसी प्रकार की कोई साफ सफाई है. साथ ही इस अस्पताल में अन्य कई कमियां हैं.

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First published: June 16, 2015, 10:36 PM IST
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