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जिन सिक्कों को भूल चुके होंगे आप, यह दंपती उन्हें संजोकर रख रहा

deepak kumar | News18 Haryana
Updated: January 14, 2020, 10:06 AM IST
जिन सिक्कों को भूल चुके होंगे आप, यह दंपती उन्हें संजोकर रख रहा
फरीदाबाद के इस दंपत्ति को सिक्कों का संग्रह के शौक ने बनाया मशहूर

पुराने सिक्के (Old coins) और नोटों के संग्रह ने उनका नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड (Limca Book Of Records) में दर्ज करा दिया.

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फरीदाबाद. छेद वाले सिक्के (Coins), घोड़े वाले सिक्के, आना, दो आना, पाई, आधा पौना, आदि के सिक्के आप भूल चुके होंगे और टेंपल टोकन (Temple Token) का तो आपने नाम भी नहीं सुना होगा, लेकिन औद्योगिक नगरी में एक दंपति ऐसे भी हैं जो इस तरह के सिक्कों का संग्रह कर आने वाली पीढ़ी के लिए इन्हें संजोकर रखे हुए हैं.

इस तरह के सिक्के संभालने का बीड़ा सेक्टर-16 निवासी सतीश सिंघल और उनकी पत्नी वंदना ने उठाया है. 12 साल पहले सतीश को पुराने सिक्के एकत्र करने का जुनून सवार हुआ. शुरुआत में सतीश को इस काम को करने में घर वालों की आलोचना भी झेलनी पड़ी, लेकिन उन्होंने आलोचना की परवाह नहीं की और अपने काम में लगे रहे.

सतीश हर किसी नोट और सिक्के पर उसका सन और नंबर आवश्य देखते और उसे अपने पास संभाल कर रख लेते हैं. वह किसी भी व्यक्ति के पास कोई पुराना सिक्का या नोट देखते हैं तो उससे वह रुपए लेकर बदले में दूसरा नोट दे देते हैं.

दो रुपये के सिक्के


पुराने सिक्के और नोटों के संग्रह ने उनका नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज करा दिया. सतीश सिंघल की मानें तो 12 साल पहले घर शिफ्ट करने के दौरान ओल्ड फरीदाबाद के पुराने मकान में काफी पुराने सिक्के मिले थे, जो उनके पिता और दादा में इकट्ठा किए थे. उनमें पुराने समय के पाई और चांदी के 50 और 100 रुपये के सिक्के देखकर उन्हें लगा कि आने वाली पीढ़ी को विरासत के रूप में दी जा सकती है ताकि देश का गौरव युवाओं को पता चल सके. उस समय के चांदी के ₹100 की कीमत के भी सिक्के हैं. अब यह शौक धीरे-धीरे उनके बच्चों को भी हो गया है.

लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज

सतीश सिंघल की उपलब्धि 2014 में पहली बार लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में 20 पैसे के 19 प्रकार के सिक्के और 2 रुपये के 43 तरह के सिक्कों को मान्यता दी गई लेकिन अब उनके पास 2 रुपये के 49 प्रकार के सिक्के हैं. 2014 में ही इंडिया बुक रिकॉर्ड में 5 रुपये के 51 सिक्के और 2 रुपये के 44 तरह के संग्रह को सम्मिलित किया गया.नेशनल रिकॉर्ड होल्डर के अवार्ड से सम्मानित

50 पैसे के सिक्कों को 14 मई 2015 में इंडिया बुक रिकॉर्ड और 30 जून 2015 को लिम्का बुक रिकॉर्ड में सात प्रकार के सिक्कों के रिकॉर्ड को वंदना गुप्ता ने अपने नाम किया. अब यह रिकॉर्ड 61 सिक्कों का है. 25 पैसे के सिक्के 14 मई 2015 में इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड और 17 सितंबर 2000 लिम्का बुक रिकॉर्ड में 50 प्रकार के सिक्के रिकॉर्ड में है. उन्हें वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर स्टेज कार्यक्रम में नेशनल रिकॉर्ड होल्डर के अवार्ड से सम्मानित किया गया.

सिक्कों को दिखाता दंपति


पाई से लेकर 100 रु. तक के सिक्के मौजूद

सतीश सिंह के पास पाई से लेकर 100 रुपये तक के सिक्के हैं. वहीं 786 सीरीज के विभिन्न तरह के नोट है. एक पैसे के 20 तरह के सिक्के भी उनके पास है. दो पैसे के भी 20 तरह के सिक्के हैं और 5 पैसे के 48 सिक्के उनके पास हैं.

48 देशों के सिक्के भी किए हैं जमा

सतीश सिंह के पास 48 देशों के सिक्के भी उपलब्ध है. उनका कहना है कि व्यवसाय के सिलसिले में विदेश में जाते हैं जिस कारण उन्हें बांग्लादेश, पाकिस्तान, न्यूजीलैंड जैसे देशों के सिक्के एकत्र करने का मौका मिला. अब तक सतीश सिंघल 11 बार लिम्का बुक में रिकॉर्ड दर्ज करवा चुके हैं, जबकि चार रिकॉर्ड अभी और दर्ज होने हैं.

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First published: January 14, 2020, 10:06 AM IST
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