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हरियाणा : पानीपत के बाद फरीदाबाद में शुरू हुआ जेल रेडियो, कैदी ही संचालित करेंगे

हरियाणा : पानीपत के बाद फरीदाबाद में शुरू हुआ जेल रेडियो, कैदी ही संचालित करेंगे

जल्द ही केंद्रीय कारागार अम्बाला में भी जेल रेडियो की शुरुआत कर होगी. (PTI)

जल्द ही केंद्रीय कारागार अम्बाला में भी जेल रेडियो की शुरुआत कर होगी. (PTI)

जेल रेडियो का मकसद बंदियों को संचार का माध्यम प्रदान करना है. खासतौर पर कोरोना के दौरान जेलों में मुलाकातें बंद होने पर अवसाद का माहौल बना है. ऐसे में जेल का रेडियो उनके लिए एक मानसिक सहारा बनकर सामने आया है.

    फरीदाबाद. हरियाणा की जिला जेल, फरीदाबाद ने अपना रेडियो शुरू कर दिया है. यह राज्य का दूसरा जेल रेडियो होगा. इस जेल रेडियो का उदघाटन जेल महानिदेशक के. सेल्वराज, जेल के अधीक्षक जय किशन छिल्लर और तिनका तिनका फाउंडेशन की संस्थापक और दिल्ली के लेडी श्रीराम कालेज में पत्रकारिता विभाग की अध्‍यक्ष डॉ. वर्तिका नंदा ने किया. इसी महीने 16 जनवरी को जिला जेल, पानीपत में हरियाणा के पहले जेल रेडियो की शुरुआत की गई थी. इस कड़ी में यह हरियाणा का दूसरा जेल रेडियो है.

    दिसंबर 2020 से हरियाणा की 3 जेलों- जिला जेल पानीपत, ज़िला जेल फरीदाबाद, और केंद्रीय जेल अम्बाला के चयनित 21 बंदियों को रेडियो ट्रेनिंग दी जा रही थी. इन्हीं चयनित बंदियों के जरिए अब जेल रेडियो को संचालित किया जाएगा. इस मौके पर जेल महानिदेशक के. सेल्वराज ने कहा कि जल्द ही केंद्रीय कारागार अम्बाला में भी जेल रेडियो की शुरुआत होगी. फरीदाबाद की जेल से 5 महिला बंदियों को भी रेडियो जॉकी की ट्रेनिंग दी गई है. उन्हें जल्द ही नियमित तौर पर इस जेल रेडियो के साथ जोड़ दिया जाएगा.

    इस मौके पर फरीदाबाद जेल के सुपरिटेंडेंट जय किशन छिल्लर ने कहा कि ऑडिशन, ट्रेनिंग और अब जेल रेडियो के आने से माहौल में बदलाव साफ तौर पर दिखाई दे रहा है. बंदी महसूस करने लगे हैं कि उनके पास अभिव्यक्ति का अपना एक साधन है जिसका वे अपनी सुविधा के मुताबिक इस्तेमाल कर सकते हैं. जेल रेडियो ने उन्हें अपनी कला को निखारने का मौका भी दिया है.

    जिला जेल आगरा से हुई थी जेल रेडियो की शुरुआत
    इस मौके पर वर्तिका नंदा ने कहा कि 2019 में तिनका तिनका ने देश की सबसे पुरानी जेल इमारत में बनी ज़िला जेल आगरा में जेल रेडियो की शुरुआत की थी. अब हरियाणा की जेलों में रेडियो लाने से कोरोना के दौरान बंदियों को अपनी बात कहने और अपनी कला को निखार कर सामने लाने का अवसर मिल गया है. जेल का यह रेडियो उनमें सुधार और उनके पुनर्वास का मज़बूत साधन बनेगा.

    फरीदाबाद जेल रेडियो में रोजाना एक घंटे का कार्यक्रम प्रसारित होगा. यह कार्यक्रम पूरी तरह से जेल की गतिविधियों पर केंद्रित होगा. बंदी ही कलाकार होंगे.

    जेल रेडियो का मकसद बंदियों को संचार का माध्यम प्रदान करना है. खासतौर पर कोरोना के दौरान जेलों में मुलाकातें बंद होने पर अवसाद का माहौल बना है. ऐसे में जेल का रेडियो उनके लिए एक मानसिक सहारा बनकर सामने आया है.

    बैरक में सुन सकेंगे रेडियो
    पूरी तरह से जेल का आतंरिक रेडियो स्टेशन होगा. बैरकों के बाहर स्पीकर लगाए गए हैं. रेडियो जॉकी रोजाना अपने अनुभव साझा करेंगे. प्रेरक कहानी सुनाएंगे. फरमाइश पर गीत सुनाएंगे. बंदियों की तरफ से पूछे जाने वाले सवालों के जवाब देंगे. यह सवाल पर्ची के माध्यम से पूछे जाएंगे.

    तिनका तिनका फाउंडेशन की पहल
    तिनका तिनका फाउंडेशन ने जेल में रेडियो स्टेशन स्थापित करने की पहल की है. भारत में जेल रेडियो की शुरुआत 2013 में दक्षिण एशिया के सबसे बड़े जेल परिसर तिहाड़ से हुई थी. उसके उदघाटन के समय वर्तिका नंदा वहां पर मौजूद थीं. तभी उन्होंने सोचा था कि अन्य जेलों में ऐसी शुरुआत कराएंगी. हरियाणा में उनकी पहल पर यह स्टेशन लग रहे हैं. इसी कड़ी में 2019 में स्थापित यह तिनका मॉडल ऑफ प्रिजन रिफॉर्म के तौर पर हरियाणा की जेलों में स्थापित किया जाएगा. जेलों में स्थापित किए जा रहे तिनका जेल रेडियो वर्तिका नंदा की मौलिक संरचना है और वो इसकी प्रशिक्षक भी हैं जिसमें कई प्रयोग किए जा रहे हैं. जेलों में रेडियो की भूमिका को लेकर जल्द ही एक शोध आधारित किताब भी प्रकाशित की जाएगी.

    वर्तिका नंदा के बारे में: वर्तिका नंदा जेल सुधारक हैं और तिनका तिनका भारतीय जेलों पर उनकी श्रृंखला है. 2019 में उन्होंने देश की सबसे पुरानी जेल इमारत में बनी जिला जेल, आगरा में रेडियो शुरू किया था. वो 2014 में भारत के राष्ट्रपति से स्त्री शक्ति पुरस्कार से सम्मानित हो चुकी हैं. जेलों पर उनके काम को दो बार लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी जगह मिली है. वर्तमान में वो दिल्ली विश्वविद्यालय के लेडी श्रीराम कॉलेज के पत्रकारिता विभाग की प्रमुख हैं.

    हरियाणा की जेलें : नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के 2019 के आंकड़ों के मुताबिक हरियाणा देश का दूसरा ऐसा राज्य है जिसमें सबसे अधिक संख्या में सज़ायाफ्ता बंदी हैं. अंडर ट्रायल बंदियों की संख्या के मामले में भी हरियाणा दूसरे नंबर पर है. हरियाणा में कुल 19 जेलें हैं जिनमें 16 ज़िला जेलें और 3 केंद्रीय जेलें हैं. इस समय हरियाणा की जेलों में क़रीब 20,000 बंदी हैं. फरीदाबाद जेल में फिलहाल 2400 बंदी हैं.

    Tags: Faridabad News, Tinka Tinka Foundation, Tinka Tinka Jail, Vartika Nanda

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