मलेरिया को लेकर इस गांव में लोग और स्वास्थय विभाग आए आमने-सामने
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मलेरिया को लेकर इस गांव में लोग और स्वास्थय विभाग आए आमने-सामने
स्वास्थ विभाग ने भले ही मलेरिया से निजात दिलाने के लिए कई टीमों का गठन कर दिया हो, लेकिन हरियाणा के मेवात में अभी हालात काबू में नहीं हैं.

स्वास्थ विभाग ने भले ही मलेरिया से निजात दिलाने के लिए कई टीमों का गठन कर दिया हो, लेकिन हरियाणा के मेवात में अभी हालात काबू में नहीं हैं.

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स्वास्थ विभाग ने भले ही मलेरिया से निजात दिलाने के लिए कई टीमों का गठन कर दिया हो, लेकिन हरियाणा के मेवात में अभी हालात काबू में नहीं हैं.

मेवात के हथनगांव में मलेरिया से पीड़ितों की संख्या लगातार बढ़ती ही जा रही है और स्वास्थ विभाग की लाख कोशिशों के बावजूद भी लोगों में बीमारी को लेकर डर बना हुआ है. इस गांव में अब तक मलेरिया से 9 लोगों की मौत हो चुकी है, वहीं सैकडों लोग अभी भी मलेरिया की चपेट में हैं.

इसके अलावा पड़ोसी गांव सुनहेड़ा में भी दो लोगों की मौत मलेरिया की वजह से हो चुकी है. गांव के लोगों ने बताया कि स्वास्थ विभाग गांव में मलेरिया पर काबू पाने में नाकाम साबित हो रहा है. लोगों का कहना है कि गांव के अधिकतर लोग पुन्हाना और दूसरे शहरों के नीजि अस्पतालों में अपना इलाज करा रहे हैं. पुन्हाना सी एच सी में भी बुखार से पीड़ित मरीजों की लाइन लगी है तो वहीं सुनहेड़ा के स्वास्थ्य केंद्र पर ऐसे हालात में भी ताला लटका हुआ है.



ग्रामीणों ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर दवाईयां और इलाज में लापरवाही बरती गई तो सड़क जाम करने के साथ ही पंचायत चुनाव का बहिष्कार भी कर सकते हैं. डी सी अशोक सांगवान से लेकर विधायक रहीस खान भी गांव का दौरा कर भरोसा दिला चुके हैं, लेकिन हालात सुधरने के नाम नहीं ले रहे हैं. वहीं लोग सूबे के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज से भी मेवात देखने की गुहार लगा रहे हैं.
गांव के लोग स्वास्थ विभाग पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं तो स्वास्थ विभाग गांव के लोगों में जागरूकता की कमी का हवाला दे रहा है. इतना ही नहीं गांव में पीने के पानी से लेकर बिजली न आने का दुखड़ा भी गांव के लोगों ने बताया, स्वास्थय विभाग की टीम गांव के स्वास्थ केन्द्रों में लोगों की जांच कर दवाईयां दे रही है.

गांव में विशेष रूप से एंबुलेंस सेवा भी दी जा रही है यहां पर छोटे बच्चे बड़ी संख्या में इस बीमारी से पीड़ित हैं. बच्चों के परिजन इस मलेरिया से निपटने के लिए घरेलू उचार का सहारा भी ले रहे हैं. हथनगांव के ज्यादातर लोगों ने बताया की गांव के हर घर में लोग मलेरिया बुखार से पीड़ित हैं.
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