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पानीपत का पानी और फरीदाबाद की हवा सबसे ज्यादा खराब

पानीपत का पानी और फरीदाबाद की हवा सबसे ज्यादा खराब

प्रदूषण पूरे विश्व के लिए खतरा बना हुआ है. एक ओर जहां विकास के लिए बड़े-बड़े उद्योग लगाए जा रहे हैं वहीं, दूसरी ओर इनसे बढ़ता प्रदूषण भी चिंता का विषय बन गया है. हरियाणा भी इससे अछूता नहीं है.

प्रदूषण पूरे विश्व के लिए खतरा बना हुआ है. एक ओर जहां विकास के लिए बड़े-बड़े उद्योग लगाए जा रहे हैं वहीं, दूसरी ओर इनसे बढ़ता प्रदूषण भी चिंता का विषय बन गया है. हरियाणा भी इससे अछूता नहीं है.

प्रदूषण पूरे विश्व के लिए खतरा बना हुआ है. एक ओर जहां विकास के लिए बड़े-बड़े उद्योग लगाए जा रहे हैं वहीं, दूसरी ओर इनसे बढ़ता प्रदूषण भी चिंता का विषय बन गया है. हरियाणा भी इससे अछूता नहीं है.

    प्रदूषण पूरे विश्व के लिए खतरा बना हुआ है. एक ओर जहां विकास के लिए बड़े-बड़े उद्योग लगाए जा रहे हैं वहीं, दूसरी ओर इनसे बढ़ता प्रदूषण भी चिंता का विषय बन गया है. हरियाणा भी इससे अछूता नहीं है.

    हरियाणा में जानकारी के मुताबिक अभी पानीपत में सबसे ज्यादा जल प्रदूषण और फरीदाबाद में सबसे ज्यादा वायु प्रदूषण है. फिलहाल हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने हरियाणा में चार जगह ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्सट इंस्टाल किए हैं. उनके पास इन चार जगहों का AQI मॉनिटरिंग का डाटा उपलब्ध है. जिनमें फरीदाबाद, गुड़गांव, पंचकूला और रोहतक हैं.

    पानीपत की बात करें तो यहां सबसे ज्यादा जल प्रदूषण है. वहीं, फरीदाबाद में सबसे ज्यादा वायु प्रदूषण है. भिवानी, हिसार, बहादुरगढ़, बल्लभढ़ और धारूहेडा का भी प्रदूषण फैलाने में काफी योगदान है.

    बात करें बाकी राज्यों की तो हरियाणा में सभी राज्यों के मुकाबले काफी कम प्रदूषण है. यहां सबसे ज्यादा प्रदूषण का शिकार वो जिले हैं या क्षेत्र हैं जो दिल्ली-एनसीआर के नजदीक हैं. फरीदाबाद और गुड़गांव दो ऐसे ही शहर हैं. गुड़गांव प्रदूषण के मामले में कमोबेश तीसरे स्थान पर है. गुड़गांव के अलावा यमुनानगर, हिसार, जींद, भिवानी भी औद्योगिक पहचान रखता है. लेकिन यहां के आंकड़ें अभी उपलब्ध नहीं हो पाए हैं.

    स्मार्ट सिटी की राह में फरीदाबाद का प्रदूषण

    हरियाणा के फरीदाबाद का नाम देश में बनने वाली 100 स्मार्ट सिटीज में है. अब टॉप-20 में आने की लड़ाई चल रही है. लेकिन यहां का वायु प्रदूषण इस दावे को कमजोर कर रहा है. क्योंकि देश में सबसे अधिक जहरीली हवा फरीदाबाद की पाई गई है और स्मार्ट सिटी के लिए स्वच्छता के साथ प्रदूषण का स्तर भी देखा जाता है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने फरीदाबाद सहित देश के 31 शहरों में नेशनल एयर क्वालिटी इंडेक्स (वायु प्रदूषण मापने का यंत्र) लगाया है.

    इसके अनुसार 30 नवंबर को सबसे अधिक औसतन 400 माइक्रोग्राम क्यूबिक मीटर पर्टिकुलेट मैटर (पीएम) 2.5 मापा गया. पूरे एक माह (1 से 30 नवंबर) की बात करें तो भी शहर की हवा तय मानक 60 माइक्रोग्राम क्यूबिक मीटर से औसतन 5 गुणा अधिक जहरीली रही.

    वहीं, जब ईटीवी/न्यूज18 की टीम ने रिएल्टी चेक किया तो पाया कि फरीदाबाद में प्रदूषण के कारण लोगों में अस्थमा जैसी बीमारियां बढ़ रही हैं. इस प्रदूषण का बड़ा कारण है, यहां हो रहा अंधाधुंध निर्माण कार्य, धुंआ उड़ाते ऑटो, जगह-जगह खुले में कूड़े का जलाया जाना. जहां एक ओर कारखानों की लंबी-लंबी चिमनी धुंआ छोड़ती और प्रदूषण फैलाती नजर आती हैं, वही शहर में अब वाहनों की भरमार है. जिनसे निकालने वाला धुंआ भी इस शहर को प्रदूषित कर रहा है.

    शहर के नेशनल हाइवे को छह लेन किए जाने का काम भी चल रहा है, जिसके चलते हर समय धूल-मिट्टी उड़ती रहती है.

    Tags: Air pollution, Haryana news, Pollution, गुड़गांव, पानीपत​, फरीदाबाद

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