नक्सलियों से संबंध के शक में सामाजिक कार्यकर्ता सुधा भारद्वाज घर में नजरबंद

पुलिस ने सुधा को फरीदाबाद में सेक्टर 39 के घर से गिरफ्तार किया. इस गिरफ्तारी के खिलाफ पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में अपील की गई.

deepak kumar | News18 Haryana
Updated: August 29, 2018, 7:42 PM IST
नक्सलियों से संबंध के शक में सामाजिक कार्यकर्ता सुधा भारद्वाज घर में नजरबंद
सुधा भारद्वाज
deepak kumar | News18 Haryana
Updated: August 29, 2018, 7:42 PM IST
भीमा-कोरेगांव केस में फरीदाबाद से सामाजिक कार्यकर्ता सुधा भारद्वाज को भी गिरफ्तार किया गया था. इस गिरफ्तारी के खिलाफ पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में अपील की गई. जिस पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने सुधा भारद्वाज को 30 अगस्त तक उनके घर में रखे जाने का आदेश दिया.

भीमा-कोरेगांव केस में नक्सली कनेक्शन पर पुणे पुलिस ने कार्रवाई की. देशभर में नक्सल विचारकों की गिरफ्तारी का मामला हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है. इनमें से एक मानवाधिकारों की कानूनी लड़ाई लड़ने वाली एक्टिविस्ट सुधा भारद्वाज भी हैं.

पुलिस ने सुधा को फरीदाबाद में सेक्टर 39 के घर से गिरफ्तार किया. इस गिरफ्तारी के खिलाफ पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में अपील की गई. कोर्ट ने उनकी ट्रांजिट रिमांड पर 30 अगस्त तक रोक लगा दी है. फिलहाल, हरियाणा पुलिस ने फरीदाबाद में ही सुधा भारद्वाज को उनके घर पर ही नजरबंद किया है.

गिरफ्तारी के बाद सुधा भारद्वाज ने कहा कि वो पिछले 30 सालों से काम कर रहीं हैं. लेकिन उनके साथ कभी ऐसा नहीं हुआ. उन्होंने कहा कि भीमा कोरेगांव मामले में उनका कोई लेना देना नहीं है.


बता दें कि सुधा भारद्वाज एक प्रसिद्ध अधिवक्ता और मानवाधिकार कार्यकर्ता है, जो फिलहाल नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हैं और पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज की राष्ट्रीय सचिव भी हैं. सुधा भारद्वाज पिछले 30 सालों से मज़दूर संघ की कार्यकर्ता हैं. उन्होंने 2007 से छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में वक़ालत शुरू की. 1984 में IIT से ग्रेजुएट हुईं. सुधा भारद्वाज ने 2000 में लॉ की. इंजीनियरिंग छोड़ छत्तीसगढ़ के जनजातीय इलाकों में काम किया.

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