ढहाया जाएगा फरीदाबाद का कांत एन्क्लेव, सुप्रीम कोर्ट ने दिए आदेश

अब इन लोगों की आस भी सिर्फ सुप्रीम कोर्ट से है. ये लोग अदालत से गुहार लगा रहे हैं कि मामले में पुनर्विचार याचिका स्वीकार करें और उन्हें राहत दें.

News18 Haryana
Updated: September 12, 2018, 11:30 AM IST
ढहाया जाएगा फरीदाबाद का कांत एन्क्लेव, सुप्रीम कोर्ट ने दिए आदेश
कांत एन्क्लेव
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Updated: September 12, 2018, 11:30 AM IST
सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक अहम फैसले में फरीदाबाद स्थित कांत एन्क्लेव को अवैध घोषित कर दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि कांत एन्क्लेव वन भूमि पर अवैध तरीके से बनाया गया है और इसे 31 दिसंबर तक गिराकर ज़मीन वापिस वन विभाग को लौटा दी जाए. हालांकि कोर्ट ने कहा है कि अप्रैल 1984 से अगस्त 1992 के बीच हुए निर्माण को नुकसान ना पहुंचाया जाए.

राजधानी दिल्ली के साथ सटे फरीदाबाद में बने इस कांत एन्क्लेव में जिन लोगों ने अपने घर बनाए हैं उन्हें अब अपने ये मकान छोड़ने पड़ेंगे. कोर्ट ने इन लोगों को 50 लाख रुपये तक मुआवज़ा देने की बात कही है और ये मुआवज़ा प्रदेश सरकार देगी.

करीब 425 एकड़ में फैले कांट एन्क्लेव में रह रहे लोगों पर सुप्रीम कोर्ट का ये फैसला पहाड़ बनकर टूटा है. इन लोगों का कहना है कि जब सब कुछ वैध तरीके से हुआ फिर आज अचानक कांत एन्क्लेव अवैध कैसे हो गया. सुप्रीम कोर्ट के फैसले से परेशान इन लोगों का कहना है कि उन्होंने अपने खून-पसीने की कमाई का एक–एक पैसा जोड़ा और सभी कानूनी औपचारकिताएं पूरी कीं, लेकिन तब भी कांत एन्क्लेव को अवैध घोषित कर दिया.

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इन लोगों में फैसले के खिलाफ गुस्सा साफ दिख रहा है. वहीं अब इन लोगों की आस भी सिर्फ सुप्रीम कोर्ट से है. ये लोग अदालत से गुहार लगा रहे हैं कि मामले में पुनर्विचार याचिका स्वीकार करें और उन्हें राहत दें.

बता दें कि हरियाणा सरकार ने अरावली के पास 12 अक्टूबर  2014 से पहले निर्मित भवनों को रेगुलर कर दिया था. सुप्रीम कोर्ट अरावली को जंगल मानते हुए इसके संरक्षण का आदेश दिया था. अब जब सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया है तो अपने साथ कई सवाल भी लेकर आया है. कांत एनक्लेव में बसने का सपना संजोए इन लोगों को सिर्फ जवाब की दरकार है.
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