फरीदाबाद: डॉक्टरों ने मरीज के कटे हुए पैरों को तकिया बनाकर स्ट्रेचर पर लिटाया

जिस व्यक्ति को पैर कटने के बाद सिविल अस्पताल में इलाज के लिए लाया गया था, उसी के कटे हुए दोनों पैरों को उसका सिराहना बनाकर स्ट्रेचर पर लिटा दिया गया

deepak kumar | News18 Haryana
Updated: August 25, 2019, 4:56 PM IST
फरीदाबाद: डॉक्टरों ने मरीज के कटे हुए पैरों को तकिया बनाकर स्ट्रेचर पर लिटाया
कटे पैरों को तकिया बना मरीज को स्ट्रेचर पर लिटाया
deepak kumar | News18 Haryana
Updated: August 25, 2019, 4:56 PM IST
निजी कंपनी में ड्यूटी पर जा रहे एक व्यक्ति की रेलवे ट्रैक पार करते समय ट्रेन के नीचे आने से दोनों पैर कट गए. मामला फरीदाबाद (Faridabad) के बड़खल फ्लाईओवर के नीचे का है, जहां 42 वर्षीय प्रदीप निजी कंपनी में ड्यूटी करने के लिए घर से निकला था लेकिन जैसे ही वह बड़खल फ्लाईओवर के नीचे रेलवे ट्रैक को पैदल पार कर रहा था उसका पैर ट्रेन की पटरी (Railway Track) में अटक गया, जिसकी वजह से वह वहीं गिर गया, इतने में ही अचानक तेज गति से आ रही सुपरफास्ट ट्रेन उसके पैरों के ऊपर से गुजर गई, जिसमें उसके दोनों पैर शरीर से अलग हो गए.

आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत एंबुलेंस को फोन कर मौके पर बुलाकर उसे सिविल अस्पताल में भर्ती करा दिया. जहां से डॉक्टरों ने युवक की गंभीर हालत को देखते हुए दिल्ली के ट्रामा सेंटर में रेफर कर दिया है. वहीं इस मामले में सिविल अस्पताल के डॉक्टरों की लापरवाही एक बार फिर उजागर हुई है और मानवता को शर्मसार कर देने वाली तस्वीरें भी सामने आई हैं.

कटे पैरों को बनाया सिराहना

जिस व्यक्ति को पैर कटने के बाद सिविल अस्पताल में इलाज के लिए लाया गया था, उसी के कटे हुए दोनों पैरों को उसका सिराहना बनाकर स्ट्रेचर पर लिटा दिया गया. तस्वीरों में साफ तौर से देखा जा सकता है कि किस तरह गंभीर अवस्था में घायल हुए व्यक्ति के खुद के पैरों का ही उसके सर के नीचे सिराहना बनाया गया है.

फऱीदाबाद अस्पताल का मामला

शर्मशार करने वाली यह तस्वीरें फरीदाबाद के सिविल अस्पताल की हैं, जहां सरकार पूरी सुविधाएं होने का दावा तो करती है लेकिन हालात कुछ और ही तस्वीरें बयां कर रही हैं. वहीं इस सारे मामले को लेकर जब हमने नागरिक अस्पताल के कार्यवाहक पीएमओ डॉ विनय गुप्ता से बात की तो उन्होंने बताया कि कल उनके पास एक पेशेंट आया था जो कि दोनों पैर कटे हुए थे जिस को तुरंत उपचार दिया गया.

डॉक्टर ने कही ये बात
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उन्होंने बताया कि डॉक्टर का सबसे पहला कर्तव्य पेशेंट की जान बचाना होता है और क्यों की यहां पर सुपर स्पेशलिटी फैसिलिटी यहां पर उपलब्ध नहीं है. इसलिए मरीज का जल्द ही उपचार करना जरूरी था और मरीज को ब्लड चढ़ाया गया साथ ही प्राथमिक उपचार दिया गया जिसके बाद उसे दिल्ली ट्रामा सेंटर के लिए भेज दिया गया ताकि मरीज की जान बचाई जा सके. उन्होंने कहा कि जो बेस्ट पॉसिबल था उसे ही मरीज की जान बचाने के लिए किया गया क्योंकि डॉक्टर का पहला फर्ज मरीज की जान बचाने का होता है.

रेलवे लाइन पार करते वक्त हुआ हादसा

वहीं जब इस संबंध में जीआरपी के एसएचओ राजपाल से बात की गई तो उन्होंने बताया कि उनके पास सूचना आई थी कि किसी व्यक्ति का रेलवे लाइन पर एक्सीडेंट हुआ है जिसकी दोनों टांगे कट गई हैं. लेकिन जब तक वहां पुलिस पहुंची तब तक पीड़ित को एंबुलेंस में ले जा चुके थे. लेकिन पता चला है कि पीड़ित भूल कॉलोनी का रहने वाला था और वहीं आसपास की कंपनी में काम करता था. उन्होंने कहा कि पुलिस लगातार लोगों को जागरूक करती है लेकिन उसके बावजूद भी लोग लाइन पार करने से बाज नहीं आते हैं पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है.

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First published: August 25, 2019, 4:13 PM IST
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