मोबाइल की किश्त चुकाने के लिए की पहली चोरी, पकड़े नहीं गए तो बना डाला गिरोह

मुख्य आरोपी अजरुद्दीन की मानें तो उसने खुद 10 वाहन चुराए हैं. उसने बताया कि 17000 रुपए का मोबाइल फोन फाइनेंस करवाया था, जिसकी किश्त भरने के लिए उसने चोरी शुरू की.


Updated: April 17, 2018, 6:17 PM IST
मोबाइल की किश्त चुकाने के लिए की पहली चोरी, पकड़े नहीं गए तो बना डाला गिरोह
पुलिस गिरफ्त में चोर

Updated: April 17, 2018, 6:17 PM IST
फरीदाबाद में क्राइम ब्रांच सेक्टर-56 ने एक ऐसे गिरोह को पकड़ने में कामयाबी हासिल की है, जो मोबाइल फोन की किश्त भरने के लिए चोर बने. जब पहली चोरी में ये पकड़े नहीं गए तो उसके बाद वाहन चोरी की घटनाओं का सिलसिला चलता रहा.

क्राइम ब्रांच ने इस गिरोह के 7 बदमाशों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 22 मोटरसाइकिल बरामद की है. गिरफ्तार बदमाशों में से 4 बदमाशों को न्यायिक हिरासत में नीमका जेल भेज दिया गया है, जबकि 3 आरोपी पुलिस रिमांड पर लिए गए हैं, जिनसे पुलिस अभी पूछताछ कर रही है. आरोपियों ने यह भी बताया कि चोरी के वाहनों को वे मेवात में 5 हजार रुपए में बेच देते थे.

मुख्य आरोपी अजरुद्दीन की मानें तो उसने खुद 10 वाहन चुराए हैं. उसने बताया कि 17000 रुपए का मोबाइल फोन फाइनेंस करवाया था, जिसकी किश्त भरने के लिए उसने चोरी शुरू की. वहीं क्राइम ब्रांच के इंचार्ज आनंद सिंह की मानें तो उन्होंने एक गिरोह के 7 बदमाशों को पकड़ा है, जिन्होंने दोपहिया वाहनों की चोरी की घटना को अंजाम दिया.

इस गिरोह के सदस्यों ने बल्लबगढ़ से एक रिवॉल्वर भी चोरी की थी, जिसे इन्होंने उत्तर प्रदेश में बेच दिया. आनंद की मानें तो मोबाइल फोन की किश्त भरने के लिए चोरी करना शुरू किया था. इन्होने देखा की पहली चोरी में वे पकड़े नहीं गए हैं तो बाद में और चोरी करते रहे.
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर