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Farmer Protest: जेपी दलाल बोले- संयम से काम लें किसान, कराची या लाहौर नहीं ये दिल्ली है

किसान आंदोलन को लेकर हरियाणा के कृषि मंत्री का बड़ा बयान.
किसान आंदोलन को लेकर हरियाणा के कृषि मंत्री का बड़ा बयान.

हरियाणा के कृषि मंत्री जेपी दलाल (JP Dalal) का कहना है कि मैं सभी किसान भाइयों से कहूंगा कि सद्बुद्धि से काम लें, वार्ता करें. ये अच्छी बात नहीं है कि दिल्ली का पानी बंद कर दें.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 2, 2020, 9:40 PM IST
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चंडीगढ़. केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों (New Agriculture Law 2020) के खिलाफ देशभर के किसान पिछले 6 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं. तीनों कृषि कानूनों को वापस लिए जाने तक किसानों ने आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है. किसानों का कहना है कि तीनों कृषि कानूनों को निरस्त करने के लिए केंद्र को संसद का विशेष सत्र आहूत करना चाहिए. इन सबके बीच हरियाणा की खट्टर सरकार के कैबिनेट मंत्री ने एक बड़ा बयान दिया है.




हरियाणा के कृषि मंत्री जेपी दलाल (JP Dalal)  का कहना है कि मैं सभी किसान भाइयों से कहूंगा कि सद्बुद्धि से काम लें, वार्ता करें. ये अच्छी बात नहीं है कि दिल्ली का पानी बंद कर देंगे, दिल्ली के रास्ते बंद कर देंगे, दिल्ली को घेर कर बैठ जाएंगे. ये लाहौर या कराची नहीं है, ये देश की राजधानी है.





ये भी पढ़ें: कृषि मंत्री जेपी दलाल का दावा: हरियाणा में सरकार गिरने की नौबत नहीं आएगी, किसानों से की ये अपील



कृषि मंत्री का बड़ा दावा


हरियाणा के कृषि मंत्री जेपी दलाल (JP Dalal) ने दावा किया है कि हरियाणा में सरकार गिरने की कोई नौबत नहीं आएगी. उन्होंने कहा कि कुछ लोग किसान आन्दोलन के समर्थन में उँगली कटा कर शहीद होना चाहते हैं, उन्होंने कहा कि कृषि कानूनों में एमएसपी की गारंटी की लाइन लिखने से कुछ नहीं होगा, क्योंकि केन्द्र व प्रदेश सरकार की नियत किसान हित की है. बता दें कि लोहारू हलके के गांव गिगनाऊ में 50 एकड़ में क़रीब 10 करोड़ रूपये की लागत से बनने वाले इंडो-इजराईल तकनीक पर आधारित 'बागवानी उत्कृष्टता केन्द्र' की आधारशिला रखी गई. आधारशिला इजराइल के राजदूत डॉ रॉन मलका ने ऑनलाइन रखी. इस दौरान कृषि मंत्री जेपी दलाल मौजूद रहे.

इस दौरान हरियाणा के कृषि मंत्री JP दलाल ने कहा कि केंद्र व प्रदेश की सरकार ने किसानों के हक़ में है. उन्होंने कहा कि देश के किसानों को कृषि क़ानूनों के परिणाम के लिए दो-तीन साल इंतज़ार करना चाहिए. इसके बाद परिणाम ग़लत आए तो भाजपा सरकार बदलाव करने के लिए तैयार है. उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि आंदोलन शांतिपूर्वक करें और मिल बैठकर बात करे. JP दलाल ने कहा कि कोई भी ऐसी समस्या नहीं है जिसका मिल बैठकर समाधान न हो.


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