नशे की दोहरी मार: नशा करने वालों को ज्यादा हो रहा एचआईवी, डराने वाला आंकड़ा

वर्ष 2018-19 में जहां उनके पास ऐसे 19 केस सामने आए थे जिनमें पाया गया था कि उन्होंने एक नीडल का प्रयोग किया था. वहीं चालू वर्ष में अब तक 4 केस सामने आ चुके हैं.

Jaspal Singh | News18 Haryana
Updated: July 30, 2019, 2:03 PM IST
नशे की दोहरी मार: नशा करने वालों को ज्यादा हो रहा एचआईवी, डराने वाला आंकड़ा
नशा करने वालों को हो रहा एचआईवी
Jaspal Singh | News18 Haryana
Updated: July 30, 2019, 2:03 PM IST
नशे की दल दल में फंस चुके युवाओं की नसों में अब एचआईवी भी पनपने लगा है. स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2018 से लेकर जुलाई 20 19 तक कुल 23 मरीज ऐसे पाए गए हैं जो एक सीरिंज के इस्तेमाल करने से एचआईवी ग्रस्त हुए. ये वो लोग थे जो नशे के भी आदी थे.

लगातार बढ़ते एचआईवी पॉजिटिव मामलों ने स्वास्थ्य विभाग को भी चिंता में डाल दिया है. स्वास्थ्य विभाग के सामने लगातार ऐसे मामले सामने आ रहे हैं. स्वास्थ्य विभाग के डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. हनुमान सिंह ने बताया कि नशे की प्रवृति वाले लोग एक ही सीरिंज और निडल का प्रयोग अक्सर आपस में करते हैं जो कि एचआईवी ग्रस्त होने का मुख्य कारण बनता है.

डराने वाला आंकड़ा

उन्होंने बताया कि वर्ष 2018-19 में जहां उनके पास ऐसे 19 केस सामने आए थे जिनमें पाया गया था कि उन्होंने एक नीडल का प्रयोग किया था. वहीं चालू वर्ष में अब तक 4 केस सामने आ चुके हैं. अब स्वास्थ्य विभाग के सामने दोहरी चुनौती है. एक तरफ नशे के खिलाफ लड़ाई लड़ऩी है तो दूसरी तरफ बढ़ते एचआईवी पॉजिटिव केसों को कम करने की.

स्वास्थय विभाग ने उठाए ये कदम

डॉ. हनुमान ने बताया कि नशा और एचआईवी से बचने के लिए जागरुकता कैंप लगाए जा रहे हैं. लोगों में इन जानलेवा बिमारियों के प्रति चेतना आए इसके लिए उन्हें जागरुक किया जा रहा है और समय समय पर स्वास्थ्य जांच केंप लगाकर भी जांच की जा रही है. उन्होंने कहा कि हम आशा करते हैं कि मामलों में कमी आएगी.

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First published: July 30, 2019, 2:00 PM IST
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