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    हरियाणा: तेजी से बढ़ रहा प्रदूषण का स्तर, फ़तेहाबाद जिले की आबोहवा दिल्ली से भी खराब

    क्या पराली जलाने से बढ़ रहा है प्रदूषण का स्तर
    क्या पराली जलाने से बढ़ रहा है प्रदूषण का स्तर

    Air Pollution: कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के पास हरसेक ने 9 स्थानों की लोकेशन भेजी जहां पर आग लगी थी.

    • News18Hindi
    • Last Updated: October 15, 2020, 1:23 PM IST
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    फतेहाबाद: किसानों द्वारा फसल अवशेषों को आग लगाने के चलते जिले में जहरीला धुआं लगातार तेजी से फैल रहा है. एक दिन में 107 की रिकॉर्ड बढ़ोतरी के साथ बुधवार को जिले का एक्यूआई 314 पहुंच गया जो इस सीजन का ना सिर्फ हाई लेवल है बल्कि स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक भी है. एक्यूआई बढ़ने से बुधवार को लोगों को आंखों में जलन महसूस होनी शुरू हो गई. बुधवार को कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के पास हरसेक ने 9 स्थानों की लोकेशन भेजी जहां पर आग लगी थी. यहां बता दें कि हरसेक से अब तक जिला प्रशासन के पास 111 स्थानों पर आग लगने की लोकेशन आ चुकी है. इनमें से जिला पुलिस ने अब तक 42 किसानों के खिलाफ केस दर्ज कर लिए हैं जबकि 38 लोकेशन फेक पाई गई हैं.

    इस कारण किसान जला रहे फसल अवशेष

    जिले में अधिकतर छोटे किसान हैं. वे महंगे यंत्र नहीं खरीद सकते. प्रशासन ने ग्राम पंचायतों को सिर्फ यंत्र दिए हुए हैं, छोटे किसानों के पास बड़ा ट्रैक्टर नहीं होने के चलते वे यंत्रों का प्रयोग नहीं कर पा रहे हैं. ग्राम पंचायतें अपने चहेतों को यंत्र देती हैं, सरपंचों ने किसानों को यंत्र देने का कोई शेड्यूल नहीं बनाया हुआ. सीएचसी सेंटर संचालक एक एकड़ पराली प्रबंधन के 2500 से 3 हजार रुपये लेते हैं जो छोटा किसान नहीं देना चाहता. जिन किसानों ने जमीन ठेके पर ली हुई है इसलिए वे प्रबंधन का खर्च उठाना नहीं चाहते तथा आग लगा रहे हैं क्योंकि केस तो जमीन मालिक पर दर्ज होना है.



    जहरीले धुएं से बचने के लिए ये करें उपाय

    • घर से बाहर जाते समय मुहं पर मास्क व आंखों पर चश्मा लगाएं.

    • बुजुर्गों व बच्चों का विशेष ध्यान रखें.

    • जो व्यक्ति बीमार है प्रयास करें कि वह अंदर कमरे में ही रहे.

    • किसी भी प्रकार की दिक्कत होने पर तुरंत डॉक्टरों से सलाह लें.


    हरसेक की लोकेशन पर निर्भर अधिकारी

    जिला प्रशासन फसल अवशेषों में आग लगाने से रोकने में पूरी तरह से नाकाम है. अधिकारी केवल हरसेक की लोकेशन पर निर्भर हैं. अब तक अधिकारी एक भी जगह मौके पर नहीं पहुंचे हैं जहां आग लगी हो. जब अधिकारियों से पूछा जाता है तो उनका सिर्फ यही जवाब होता है कि धुआं तो पंजाब से आ रहा है.

    दिल्ली से भी 64 प्वाइंट अधिक है एक्यूआई

    किसानों द्वारा फसल अवशेषों को आग लगाने के चलते जिले की आबोहवा अब राजधानी दिल्ली से भी खराब हो गई है. बुधवार को दिल्ली में एक्यूआई का लेवल 250 के लगभग रहा लेकिन फतेहाबाद में एक्यूआई 314 दर्ज किया गया. उपायुक्त डॉ. नरहरि बांगड का कहना है कि किसानों को फसल अवशेषों में आग लगाने से रोकने के लिए पुख्ता प्रबंध किए हैं. हम किसानों को समझा भी रहे हैं. यदि किसान नहीं मानेंगे को केस दर्ज करेंगे.
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