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फतेहाबाद में फर्जी कंपनियां बनाकर सरकार को लगा रहे थे करोड़ों को चूना, ऐसे हुआ खुलासा

फतेहाबाद में फर्जी कंपनियां बनाकर सरकार को लगा रहे थे करोड़ों को चूना, ऐसे हुआ खुलासा

कर विभाग की टीम ने मारा छापा

कर विभाग की टीम ने मारा छापा

सबसे मजेदार बात तो यह है कि जब टैक्स विभाग के अधिकारियों ने कंपंनी द्वारा बताए गए कार्यालय के पते पर जांच की तो वहां न तो कोई इंडस्ट्री थी और न ही कोई कार्यालय, अगर कुछ था तो वहां खाली प्लॉट, झुग्गी झोपडियां और दिवार पर लगे बोर्ड.

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फतेहाबाद में इन दिनों फर्जी कपंनियां बनाकर करोड़ों रुपए के टैक्स चोरी का धंधा बड़े जोरों शोरों से चल रहा  है. टैक्स डिपार्टमेंट की नजर में ऐसी आधा दर्जन फ्राड कंपनियां सामने भी आई हैं जिसने केवल कागजों में करोड़ों रुपए का लेन देन किया और सरकार को टैक्स का नुकसान पहुंचाया है. ऐसी ही चार कंपंनियों पर टैक्स विभाग की नजर पड़ी हैं जिनमें दो फतेहाबाद के भूना रोड पर तथा रतिया में होना बताया गया है.

सबसे मजेदार बात तो यह है कि जब टैक्स विभाग के अधिकारियों ने कंपंनी द्वारा बताए गए कार्यालय के पते पर जांच की तो वहां न तो कोई इंडस्ट्री थी और न ही कोई कार्यालय, अगर कुछ था तो वहां खाली प्लॉट, झुग्गी झोपडियां और दिवार पर लगे बोर्ड. नटवारलालों की यह शातिराना तरीका देखकर अधिकारी भी हैरान और परेशान हैं. सेल्ज टैक्स विभाग के अधिकारी ने बताया कि यह कपंनियां केवल कागजों में चलाई जा रही हैं.

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कंपनी के संचालक केवल कागजों में माल खरीदते हैं बेचते हैं और फिर करोड़ों की ट्रांजक्शन भी होती है और टैक्स की चोरी भी. यह फर्जी कपंनियां जहां से माल खरीद रही हैं, जिसे बेची जा रही है जिस वाहन पर माल ला जाता है और जहां माल का स्टॉक किया जाता उनका वास्तव कोई अस्तित्व ही नहीं है. जानकारों की मानें तो यह गौरखधंधा केवल ब्लैकमनी को व्हाइट मनी में कन्वर्ट करने के लिए किया जा रहा है.

जब पूरा मामला कर विभाग के सामने आया तो विभाग के अधिकारियों की आंखे फटी रह गई. आनन फानन में जब अधिकारियों ने इस मामले का रियलिटी चेक किया तो सब कुछ आइने की तरह साफ हो गया. विभागीय जांच में केवल नवंबर और दिसंबर माह में इन चारों कपंनियों ने करीब 67 करोड़ के बिल काटे है जिनमें फतेहाबाद के भूना रोड़ स्थित गोपीराम इंडस्ट्रीज ने 18 करोड 47 लाख, मनीष कॉटन ट्रेडर्स भूना रोड़ फतेहाबाद ने 13 करोड़, 86 लाख,  हरिओम कॉटन ट्रेडर्स रतिया ने 13 करोड़ 66 लाख तथा साई ट्रेडिंग कंपनी रतिया ने 21 करोड़ के बिल मात्र दो महीने में काटे हैं.

इतने बड़े पैमाने में हुए लेन देन जैसे कर विभाग के अधिकारियों के सामने आई तो मामले की जांच की गई जिसमें बहुत कुछ साफ होता नजर आ रहा है. फिलहाल कर विभाग के अधिकारी इसकी गहनता से जांच में जुटे हैं और अपने आला अधिकारियों के संज्ञान में मामला ला दिया गया है. बता दे कि इन फर्जी कपंनियों द्वारा अधिकांश लेन देन कॉटन सेल परचेज की दिखाई गर्ई है. जानकारों का मानना हे कि फतेहाबाद एवं आसपास के जिले कॉटन बेल्ट के हैं इसी की आड़ में यह पूरा परपंच किया गया है.

Tags: Crime report, Fatehabad news, Income tax department

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