माइनर नहर निर्माण में घटिया सामग्री के प्रयोग का आरोप, किसानों ने रुकवाया काम
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माइनर नहर निर्माण में घटिया सामग्री के प्रयोग का आरोप, किसानों ने रुकवाया काम
मौके पर घटिया सामग्री देख भड़के किसान

दर्जनों किसानों ने निर्माण स्थल पर पहुंचकर काम को रुकवा दिया और ठेकेदार पर कार्रवाई की मांग की. विभाग के अधिकारियों ने निर्माण सामग्री के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे.

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टोहना माइनर के निर्माण में किसानों ने ठेकेदार पर अधिकारियों की मिलीभगत से घटिया सामग्री लगाने का आरोप लगाते हुए जमकर बवाल काटा. दर्जनों किसानों ने निर्माण स्थल पर पहुंचकर काम को रुकवा दिया और ठेकेदार पर कार्रवाई की मांग की.  विभाग के अधिकारियों ने निर्माण सामग्री के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे. उन्होंने किसानों को आश्वासन दिया कि अगर गुणवता में कमी पाई गई तो ठेकेदार पर कार्रवाई होगी. रिपोर्ट आने तक काम बंद रहेगा.

फतेहाबाद के टोहाना में नहरी एवंं सिंंचाई विभाग द्वारा किसानों को टेल तक पानी पहुंचाने के लिए बलियाला हेड से गांव समैण तक 54820 फीट माइनर का पुनर्निर्माण 6 करोड़ 20 लाख रुपए की लागत से करवाया जा रहा है. ई-टेंडरिंग प्रणाली से इसका ठेका दिया गया है.

माइनर के पास लगते गांवों के दर्जनों किसानों ने ठेकदार पर आरोप लगाया है कि ठेकेदार द्वारा निर्माण कार्य में प्रयोग लाई जाने वाली सामग्री में मुफ्त में मिलने वाली राख व मिट्टी का प्रयोग कर सरकार व विभाग को करोड़ों का चूना लगाया जा रहा है.



सोमवार को लगभग पांच गांवों के दर्जनों किसान निर्माण स्थल पर पहुंचे व काम को रुकवाया. सूचना मिलते ही संबंधित विभाग के जेई मौके पर पहुंचे तथा निर्माण सामग्री के सैंपल लेकर जांच हेतु विभागीय लैब में भेज दिए. उनकी मानें तो जब तक रिपोर्ट नहीं आ जाती, तब तक काम बंद रहेगा. अगर गुणवता में कमी पाई जाती है तो ठेकेदार के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी.
किसानों की मानें तो माइनर का साइज पहले की बजाए कम कर दिया है, जिससे किसानों को नहरी पानी कम मिलेगा. इसका सीधे तौर पर किसानों को नुकसान है. मौके पर पहुंचे जेई ने भी घटिया सामग्री मिलाए जाने की अाशंका जताई है.

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