Kisan Aandolan: फतेहाबाद में किसानों को अपना समर्थन देते हुए दो जिला पार्षदों ने दिया इस्तीफा

किसानों का आंदोलन (प्रतिकात्मक तस्वीर)

किसानों का आंदोलन (प्रतिकात्मक तस्वीर)

किसान आंदोलन (Kisan Aandolan) को अपना समर्थन देते हुए फतेहाबाद जिला परिषद के वार्ड 11 से रामचंद्र सहनाल और वार्ड 12 से रामदास ने दिया इस्तीफा (Resignation).

  • Share this:

फतेहाबाद. किसान आंदोलन (Farmers Agitation) को विभिन्न सामाजिक और राजनैतिक संस्थाओं का समर्थन मिलने का सिलसिला लगातार जारी है. फतेहाबाद जिला परिषद से दो पार्षदों ने किसानों के समर्थन में अपने पदों से इस्तीफा (Resign) दे दिया. जिला परिषद के वार्ड नं. 11 से रामचंद्र सहनाल और वार्ड नं. 12 से रामदास ने अपना इस्तीफा दे दिया. दोनों पार्षद पिछले कई दिनों से किसानों के साथ आंदोलन में दिल्ली के टिकरी बार्डर में डटे हुए हैं.

पार्षदों ने अपने इस्तीफे की कॉपी जिला उपायुक्त को भेजी है. इन जिला पार्षदों ने कहा कि केंद्र सरकार की हठधर्मिता के कारण पूरे देश का किसान, महिलाएं पिछले 4 माह से आंदोलन कर रही हैं. 27 नवंबर से टिकरी बॉर्डर बहादुरगढ़ पर लगातार इस आंदोलन में बैठे रामचंद्र सहनाल व जिला पार्षद रामदास टिब्बी जनता को इस आंदोलन में प्रेरित करके शामिल कर रहे हैं तथा खुद भी धरने पर बैठे हुए हैं.

कृषि विरोधी कानूनों को किया जाए रद्द

पार्षदों ने कहा कि कृषि विरोधी कानूनों को तुरंत रद्द किया जाए और बिजली निजीकरण पर रोक लगाई जाए. इससे केवल किसान का रोजगार ही खत्म नहीं होगा बल्कि आम जनता भी प्रभावित होगी. जिस युवा वर्ग को इस सरकार से बड़ी उम्मीदें थी, आज उन युवाओं के सपने पूरी तरह टूट चुके हैं. यही सरकार किसानों की आमदनी दोगुनी करने की बात कहती थी, लेकिन आज दोगुनी तो क्या, बड़े कॉरपोरेट घरानों के हक में लगातार कानून बनाने पर लगी हुई है.
सरकार पुरी तरह तानाशाही पर तुली

जिला पार्षदों ने कहा कि हमने पिछले कई माह से किसानों की लड़ाई लड़ते हुए देखा है कि यह सरकार पूरी तरह तानाशाह पर तुली है. लेकिन दुनिया का इतिहास है कि हिटलर जैसे तानाशाह शासकों का जो हश्र हुआ था, भविष्य में इस सरकार के साथ भी वैसा ही होगा.

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज