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फतेहाबाद सेशन कोर्ट का बड़ा फैसला; कहा- सहमति से बनाए गए संबंध दुष्कर्म नहीं, आरोपी बरी

फतेहाबाद सेशन कोर्ट का बड़ा फैसला; कहा- सहमति से बनाए गए संबंध दुष्कर्म नहीं, आरोपी बरी

फतेहाबाद की सेशन कोर्ट ने कहा कि पीड़िता का दायित्व बनता है कि वह खुद को समर्पित करने से पहले आरोपी की पहचान कर लेती कि वह कुंवारा है या शादीशुदा.

फतेहाबाद की सेशन कोर्ट ने कहा कि पीड़िता का दायित्व बनता है कि वह खुद को समर्पित करने से पहले आरोपी की पहचान कर लेती कि वह कुंवारा है या शादीशुदा.

Fatebad News: सेशन कोर्ट ने कहा कि यह पीड़िता का दायित्व बनता है कि वह अपने आप को समर्पण करने से पहले कैंटीन में आने वाले आरोपी क्लाइंट से इस बात की तस्दीक कर लेती कि वह कुंवारा है या शादीशुदा. कोर्ट ने कहा कि पीड़िता का आचरण बताता है कि उसने सहमति से आरोपी से संबंध बनाए और बाद में उसने मुकदमा दर्ज करवाने के लिए स्टोरी गढ़ी.

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फतेहाबाद. फतेहाबाद अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश व फास्ट ट्रैक कोर्ट के जज बलवंंत सिंह की अदालत ने दुष्कर्म के एक मामले की सुनवाई करते हुए आरोपी को बरी कर दिया. शनिवार को अदालत ने अपने आदेशों में टिप्पणी करते हुए कहा कि सहमति से बनाए गए संबंध दुष्कर्म नहीं हो सकते. कोर्ट ने कहा कि पीड़िता कई महीनों से आरोपी की कैंटीन में काम करती थी. उसका कहना है कि आरोपी ने उसे शादी का झांसा दिया, जबकि वह पहले से शादीशुदा था.

कोर्ट ने कहा कि यह पीड़िता का भी दायित्व बनता है कि संबंध में खुद को समर्पित करने से पहले कैंटीन में आने वाले आरोपी क्लाइंट से इस बात की तस्दीक कर लेती कि आरोपी कुंवारा है या शादीशुदा. कोर्ट ने कहा कि पीड़िता का आचरण बताता है कि उसने सहमति से आरोपी से संबंध बनाए और बाद में उसने मुकदमा दर्ज करवाने के लिए स्टोरी गढ़ी.

जूस पिलाकर बेहोश किया, इसके बाद किया रेप 

बता दें कि टोहाना पुलिस ने 15 जून 2019 को गिल्लांवाली ढाणी, टोहाना निवासी दलीप के विरूद्ध एक महिला की शिकायत पर एससी एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया था. पीडि़ता का आरोप था कि वह एक स्कूल में जॉब की तलाश में गई थी. वहां उसकी स्कूल की कैंटीन ठेकेदार दलीप से मुलाकात हो गई. दलीप ने उसे टोहाना शहर में कमरा किराए पर दिलवा दिया और एक दिन वह जूस लेकर आया, जूस पीते ही बेहोश हो गई और दलीप ने उसके साथ दुष्कर्म किया. इसके बाद वह कई महीनों तक उससे दुष्कर्म करता रहा. जब वह गर्भवती हो गई तो दलीप ने गर्भपात करवा दिया. जब उसने शादी के लिए कहा तो दलीप ने बताया कि वह तो शादीशुदा है.

 पीड़िता सहमति से आरोपी के साथ संबंध में थी : कोर्ट

कोर्ट में महिला के आरोपों के जवाब में आरोपी की पत्नी भी पेश हुई और बताया कि उन्होंने पीड़िता को किश्तों पर फ्रिज दिलवाया था और किश्तें भी खुद भरी थीं. पीड़िता अच्छी तरह से जानती थी कि दलीप विवाहित है. महिला जिस मकान मे किराए पर रहती थी उसके मकान मालिक ने भी कोर्ट में गवाही दी कि दलीप एक बार कमरा दिलवाने आया था, उसके बाद उसने कभी दलीप को वहां नहीं देखा. कोर्ट ने कहा जब यह साबित हो गया है कि पीड़िता सहमति के साथ आरोपी के साथ संबंध में थी, उसके बाद मेडिकल एविडेंस आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं.

कोर्ट ने यहां तक कहा कि भले ही पीड़िता के अधोवस्त्रों पर आरोपी के सीमन मिले हैं, लेकिन इससे यह साबित नहीं होता कि दुष्कर्म हुआ है. कोर्ट ने आरोपी को संदेह का लाभ देकर बरी कर दिया.

Tags: False Rape Case, Fatehabad Court, Fatehabad news

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