फसल बीमा क्लेम न देने वाली कंपंनियों चला उपायुक्त का चाबुक, लगाया जुर्माना

उपायुक्त ने कहा कि तीन सप्ताह का समय लेने के बावजूद भी बीमा कम्पनियों ने ऐसा नहीं किया है. ऐसी बीमा कम्पनियों पर प्रतिदिन 2000 रुपये पैनल्टी लगाई जा रही है.

Jaspal Singh | News18 Haryana
Updated: September 10, 2019, 5:28 PM IST
फसल बीमा क्लेम न देने वाली कंपंनियों चला उपायुक्त का चाबुक, लगाया जुर्माना
फतेहाबाद के उपायुक्त धीरेंद्र खड़गटा
Jaspal Singh | News18 Haryana
Updated: September 10, 2019, 5:28 PM IST
फतेहाबाद. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत क्लेम न मिलने से परेशान किसानों के लिए खुशखबरी है फतेहाबाद (Fatehabad) के उपायुक्त (Deputy Commissioner) ने ऐसी लापरवाह बीमा कंपंनियों को एक बड़े जुर्माने के साथ प्रभावित किसान को क्लेम देने के निर्देश दिए हैं. इसके साथ ही उपायुक्त ने बीमा कपंनियों को फतेहाबाद में अपना कार्यालय खोलने तथा अपना प्रतिनिधि नियुक्त करने के भी निर्देश दिए हैं.

उपायुक्त मंगलवार को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत गठित जिला स्तरीय निगरानी समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे. बैठक के दौरान उपायुक्त ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत तीन साल से लंबित किसानों की फसलों के बीमा क्लेम सेटल न करने वाली कपंनियों पर 2 हजार प्रति दिन के हिसाब से पैनेल्टी लगाई है.

उपायुक्त ने कहा कि खरीफ 2016-17 में बीमा कम्पनियों द्वारा किसानों का प्रीमियम की राशि तो काटी गई, परन्तु वे किसानों के बैंक खाते में खराबे की राशि वितरित नहीं कर पाए हैं. उन्होंने कहा कि बीमा कम्पनियों को सरकार की नोटिफिकेशन के अनुसार किसानों को मुआवजा राशि का वितरण किया जाना होता है, जबकि ऐसा नहीं किया गया है.

प्रतिदिन के हिसाब से लगेगी 2 हजार रुपये पैनल्टी

उपायुक्त ने कहा कि तीन सप्ताह का समय लेने के बावजूद भी बीमा कम्पनियों ने ऐसा नहीं किया है. ऐसी बीमा कम्पनियों पर प्रतिदिन 2000 रुपये पैनल्टी लगाई जा रही है. इसके साथ ही उपायुक्त ने बीमा कम्पनी को फतेहाबाद में अपना ऑफिस खोलने और अपना प्रतिनिधि नियुक्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बीमा कम्पनी के ऑफिसर का नाम, मोबाइल नंबर, डीडीए, बीडीपीओ, खंड कृषि कार्यालय में फ्लैक्स द्वारा भी प्रदर्शित किए जाए ताकि किसान उनसे संपर्क कर सके.

ढीला रवैया बर्दाश्त नहीं

उपायुक्त ने फसल बीमा क्लेम से संबंधित कोर्ट केस के बारे में उप निदेशक कृषि को निर्देश दिए कि वे अपनी सही रिपोर्ट कोर्ट में प्रस्तुत करें और बीमा कम्पनियों की प्रफोर्मेंस को माननीय कोर्ट के सामने लाए. धीरेन्द्र खडग़टा ने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना एक महत्वाकांक्षी योजना है. इसमें ढूलमुल रवैया किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, चाहे वह प्रशासनिक स्तर पर हो या बीमा करने वाली कम्पनियां.
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बीमा कंपनी और बैंकर्स को दिए निर्देश

उन्होंने कहा कि किसान के जिस भी फसल की प्रीमियम राशि काटी गई है, उसकी जानकारी किसान को भी हो और अगर फसल खराब हो गई है तो किसान को तय मानदंडों अनुसार बीमा क्लेम दिया जाना चाहिए. उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों, बीमा कम्पनी तथा बैंकर्स को स्पष्ट निर्देश दिए कि इसमें किसी प्रकार की कोई कौताही न रखी जाए.

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First published: September 10, 2019, 5:28 PM IST
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