खबर का असर: 15 साल तक विधवा को ससुराल आने पर प्रतिबंध लगाने वाली पंचायत पर दर्ज की जाएगी FIR
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खबर का असर: 15 साल तक विधवा को ससुराल आने पर प्रतिबंध लगाने वाली पंचायत पर दर्ज की जाएगी FIR
मामले की जांच करने पहुंची महिला आयोग की अध्यक्ष

महिला आयोग की अध्यक्ष ने पूरे मामले की जानकारी लेकर मीडिया से बात करते हुए कहा कि यह तुगलकी फरमान किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है और फरमान जारी करने वाली पंचायत के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

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फतेहाबाद. गांव ढाणी भोजराज की पंचायत द्वारा विधवा महिला को ससुराल में ना रहकर मायके में रहने का फरमान सुनाने के मामले पर हरियाणा महिला आयोग ने कड़ा संज्ञान लिया है. हरियाणा महिला आयोग की अध्यक्ष प्रतिभा सुमन के नेतृत्व में आयोग की टीम आज फतेहाबाद पहुंची और रेस्ट हाउस में पीडि़त विधवा महिला और उसके पिता से मुलाकात की. आयोग की अध्यक्ष ने पूरे मामले की जानकारी लेकर मीडिया से बात करते हुए कहा कि यह तुगलकी फरमान किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है और फरमान जारी करने वाली पंचायत के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

आयोग की अध्यक्ष ने कहा कि डीसी को सिफारिश की जा रही है कि फरमान जारी करने वाली पंचायत के सरपंच को तुरंत सस्पेंड किया जाए. प्रतिभा सुमन ने कहा कि पंचायत के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी. फरमान जारी होने की कार्रवाई की महिला आयोग निंदा करता है और हरियाण प्रदेश में आयोग इस मामले पर सख्त से सख्त कार्रवाई करेग संदेशा देना चाहेगा कि भविष्य में कोई भी पंचायत इस तरह के फरमान जारी करने की हिमाकत ना करे.

दोषिययों के खिलाफ होगी कानूनी कार्रवाई



पीड़िता के पिता द्वारा फरमान की कॉपी पुलिस की जानकारी में होने की बात कही गई जिसको लेकर संशय है कि पुलिस ने इस मामले पर पर्दा डाले रखा. इस विषय को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में आयोग की अध्यक्ष ने कहा कि पूरे मामले की गहनता से जांच की जाएगी और अगर किसी पुलिस या अन्य अधिकारी इसमें दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई होगी.
पीड़िता ने महिला आयोग का किया धन्यावाद

आयोग की टीम ने रेस्ट हाउस में पीड़िता से मुलाकात करके गांव ढाणी भोजराज का दौरा भी किया और पूरे मामले की गहनता से जांच-पड़ताल की. आयोग की टीम से मुलाकात के बाद पीडि़ता भी हौंसले में दिखी और पीडि़ता ने मीडिया और आयोग की टीम का धन्यवाद करते हुए कहा कि मुझे तो ये पता ही नहीं था कि महिला आयोग भी कुछ होता है. आयोग की अध्यक्ष और टीम के सदस्यों ने मेरी पूरी व्यथा सुनी है और मुझे पूरा सहयोग देने और हक दिलाने का भरोसा मिला है. साथ ही आयोग की ओर से मुझे भरोसा दिलाया गया है कि मुझे मेरी बेटी भी मिलेगी और 15 साल तक ससुरालन में आने पर प्रतिबंध लगाने वाली पंचायत के खिलाफ कार्रवाई भी होगी. पीड़िता ने कहा कि मैं आयोग का धन्यवाद करती हूं.

ये है मामला

बता दें कि गांव ढाणी भोजराज की विधवा महिला को उसके पति की मौत के बाद पारिवारिक विवाद का निपटारा करते हुए गांव की पंचायत ने फैसला सुनाया कि विधवा महिला गांव में ना रह कर 15 साल तक अपने मायके में रहेगी. पंचायत ने बाकायदा यह तुगलकी फरमान पंचायत के लैटर पेड पर लिखित तौर पर जारी किया. फिलहाल आयोग ने इस पूरे मामले की जांच एक सप्ताह में पूरी करने की बात कही है. सोमवार को फरमान सुनाने वाली पंचायत को आयोग ने समन जारी कर पंचकूला में तलब किया है.
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