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सरपंच का अजीबो-गरीब कारनामा, सरकार की अनुमति के बिना बदल दिया गांव का नाम

गेट पर लिखा गया नया नाम
गेट पर लिखा गया नया नाम

ग्रामवासियों द्वारा किये गए विरोध को देखते हुए ग्राम प्रधान द्वारा स्वागत गेट पर लिखवाये गए बेगमपुरा नाम को काली पट्टी लगाकर छुपाया गया है.

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फतेहाबाद के गांव धारसूल के सरपंच ने कुछ ऐसा कर दिया कि रातोंरात पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है. दरअसल गांव धारसूल के सरपंच ने रातोंरात एक फैसला लेकर गांव का नाम बदल दिया और बाकायदा गांव के मुख्य द्वार पर गांव नाम धारसूल से बदलकर बेगमपुरा भी लिख दिया गया. ग्रामीणों को जब इसकी जानकारी मिली तो ग्रामीणों में हैरानी भी दिखी और रोष भी. गांववासियों द्वारा ग्राम प्रधान की मनमानी के खिलाफ़ जमकर हंगामा किया गया.

ग्रामीणों द्वारा स्वागत गेट पर गांव का प्राचीन नाम धारसूल कलां लिखने की मांग की है. गांववासियों ने आक्रोश व्याप्त करते बताया कि सदियों से उनके गांव का नाम धारसूल कलां है. उन्होंने बताया कि हाल में ग्राम पंचायत द्वारा गांव के स्वागत गेट का नवनिर्माण किया गया है. आरोप है ग्राम प्रधान हरपाल सिंह द्वारा बिनी किसी प्रशासनिक इजाजत से जातपात भेदभाव को लेकर स्वागत गेट पर गांव का नाम धारसूल कलां की जगह बेगमपुरा लिखा है. इसपर ग्रामवासियों द्वारा सरपंच की मनमानी के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की गई.

ग्रामीणों द्वारा गांव का पुराना नाम धारसूल कलां लिखे जाने की मांग की है. ग्रामीणों ने बताया कि प्राचीन समय में गांव का नाम धारानगरी था. इसके बाद गांव का नाम धारानगरी से धारसूल कलां प्रचलित हुआ. ग्रामीणों द्वारा प्रशासन से मांग की है या तो गांव का नाम धारसूल कलां ही हो या प्राचीन नाम धारानगरी होना चाहिए. ग्रामवासियों द्वारा किये गए विरोध को देखते हुए ग्राम प्रधान द्वारा स्वागत गेट पर लिखवाये गए बेगमपुरा नाम को काली पट्टी लगाकर छुपाया गया है.



वहीं इसके ऊपर अस्थाई तौर पर धारानगरी भी लिखा है. वहीं इस मामले में सरपंच का कहना है कि बेगमपुरा गांव का नाम नहीं है, बल्कि गुरबाणी का शब्द है. इसका अर्थात गांव खुशहाल व गमों से मुक्त है. यह मात्र कल्पना की गईं है, जबकि गांव का नाम धारसूल कलां ही है. स्वागत गेट पर गांव का नाम धारसूल कलां ही लिखा जाएगा.
गांव का नाम नाम बदलने को लेकर जब डीडीपीओ से बात की गई तो उन्होंने बताया कि मामला मेरे संज्ञान में नहीं है. यदि ऐसा है तो यह सरासर गलत है. गांव का नाम धारसूल कलां ही है. यदि स्वागत गेट पर दूसरा नाम लिखा है तो इसकी जांच कर ग्राम प्रधान पर कार्यवाही की जायेगी.

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