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सुपर सीडर दे सकता है किसानों को पराली की समस्या से मुक्ति

Jaspal Singh | News18 Haryana
Updated: November 8, 2019, 5:49 PM IST
सुपर सीडर दे सकता है किसानों को पराली की समस्या से मुक्ति
किसानों को राहत देगी ये मशीन

मशीन के निर्माता दीप सिंह पुन्नी ने बताया कि सुपर सीडर मशीन से एक ही समय में धान के अवशेष को जमीन में काफी नीचे गाड़ा जा सकता है और इसके साथ ही गेहूं की बिजाई भी की जा सकती है.

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फतेहाबाद. गेहूं की बिजाई की जल्दी में गफलत में धान की पराली (Stubble) जलाने वाले किसान जो भारी भरकम जुर्माने (Fines) और मुकदमों (Cases) का शिकार हो रहे हैं, उनके लिए सुपर सीडर एक राहत की सांस देने वाला है. अनेक खुबियों वाली इस सुपर सीडर मशीन के जरिए जहां किसान (Farmer) धान की पराली को खाद के रूप में प्रयोग कर पाएंगे, वहीं साथ ही साथ गेहूं की बिजाई भी कर सकेंगे. यानि आम के आम और गुठलियों के भी दाम.

हालांकि सुपर सीडर अभी महंगा है और किसानों की मांग है कि सरकार इस मशीन के लिए किसानों को सबसीडी दे, ताकि किसान इसे खरीद सकें. इस बार फतेहाबाद में पराली जलाने की घटनाओं में हालांकि कमी तो आई, लेकिन फिर भी अनेक किसानों ने अपने खेत में धान की पराली जलाने में कोई कसर नहीं छोड़ी. हालात यह हो गए थे कि फतेहाबाद जिले का एयर क्वालिटी इंडेक्स पूरे प्रदेश में सबसे अधिक 862 तक पहुंच गया था.

प्रशासन ने भी पराली जलाने वाले किसानों पर कार्रवाई शुरू कर दी और अब तक जिले में 200 से अधिक किसानों पर पराली जलाने को लेकर केस दर्ज हो चुके हैं. ऐसे में अगर किसान चाहें तो सुपर सीडर का प्रयोग करके पराली जलाकर अपनी जमीन की उर्वरा शक्ति को तो बचा ही सकते हैं, साथ ही नाहक केस दर्ज होने से बच सकते हैं. सुपर सीडर एक ऐसी मशीन है, जो किसानों के मल्टीपर्पज के तौर पर काम आ सकती है.

खेतों में सुपर सीडर का इस्तेमाल करता किसान


इस मशीन से की जा सकती है गेहूं की बिजाई

इस मशीन के निर्माता दीप सिंह पुन्नी ने बताया कि सुपर सीडर मशीन से एक ही समय में धान के अवशेष को जमीन में काफी नीचे गाड़ा जा सकता है और इसके साथ ही गेहूं की बिजाई भी की जा सकती है. सुपर सीडर से जमीन में गाड़ी गई पराली बाद में किसानों के लिए खाद का काम करेगी. इसके अलावा इस मशीन का एक और फायदा है.

मशीन के फायदे
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यह मशीन गेहूं की बिजाई के बाद रोटावेटर का काम भी करेगी. इस मशीन की कीमत बाजार में 2 से सवा 2 लाख रुपये तक है. यह मशीन एक एकड़ जमीन की जुताई 1 से 2 घंटे में कर सकती है. अगर किसी किसान के पास मशीन नहीं है तो वह 1 हजार से 1500 के बीच अपनी जमीन की जुताई व पराली से मुक्ति पा सकता है.

 

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First published: November 8, 2019, 5:49 PM IST
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