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टोहाना: कोर्ट में अपील दायर कर युवक ने हासिल किया खुद को 'नास्तिक' कहलवाने का हक
Fatehabad News in Hindi

Paramjeet Singh | News18 Haryana
Updated: December 28, 2018, 5:38 PM IST
टोहाना: कोर्ट में अपील दायर कर युवक ने हासिल किया खुद को 'नास्तिक' कहलवाने का हक
रवि की फोटो

कोर्ट ने उसे परमिशन दे दी है कि वो अपने नाम के पीछे अपने जाति लिखने की बजाए नास्तिक लिख सकता है. और अब यह मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है.

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वो अब धर्म से परे है, वो अब जात से परे है, क्योंकि वो अब है ‘नास्तिक’. शायद आप इस बात पर विश्वास न करें कि वो अब कानूनन नास्तिक है. नास्तिकों को आस्तिक बनाने और धर्म की राह पर चलने की सीख देते बहुत से संत महात्मा और धर्मोपदेशक न केवल देश बल्कि विदेशों में भी मिल जाएंगे. धर्म के मार्ग पर चलने के लिए विदेशी लोग भी भारत देश की ओर आ रहे हैं, मगर यहां एक ऐसा व्यक्ति भी है जिसने खुद को नास्तिक कहलवाने के लिए कोर्ट का सहारा लिया और अब केस भी जीत लिया है.

कोर्ट ने उसे परमिशन दे दी है कि वो अपने नाम के पीछे अपने जाति लिखने की बजाए नास्तिक लिख सकता है. और अब यह मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है. जानकारों की मानें तो यह मामला देश में अपनी तरह का पहला मामला हो सकता है.

दरअसल फतेहाबाद के टोहाना इलाके का एक युवक इंसान को धर्म और जाति में बंटा देखा इतना खिन्न हुआ है कि उसने कोर्ट में एक अपील दायर कर कोर्ट से गुहार लगाई गई कि उसे धर्म और जाति से अलग कर दें और उसे कानूनी हक दे कि वह खुद नास्तिक लिख और कह सके. टोहाना की कोर्ट में पूरे दो वर्ष तक चले इस मामले के बाद कोर्ट ने उसे नास्तिक कहलवाने और लिखने की अनुमति दे दी.



धार्मिक आडम्बरों से महसूस करता था घुटन



टोहाना के रहने वाले युवक रवि का कहना है कि देश जाति धर्म में बंटकर रह गया है, जिस कारण वह भी लंबे समय से धार्मिक आडम्बरों में घुटन महसूस कर रहा था इसलिए उसने कोर्ट का सहारा लेकर यह हक हासिल किया है. उसने बताया कि अब वह किसी भी धर्म जाति से संबंध नहीं रखता और विवाह भी संविधान के मुताबिक कोर्ट में ही करेगा.

मजहब के जाल में नहीं फंसला चाहता

चार भाई-बहनों में एक रवि ने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि आज पूरा विश्व मजहबी समस्या से जूझ रहा है, जिसने इंसान को बांट कर रख दिया है. उसका कहना है कि वह इस मजहब के जाल में नहीं फंसा रहना चाहता था और इस दिवार को तोडऩे के लिए उसे एक ही रास्ता सूझा और वो था कोर्ट.

कोर्ट में दायर की खुद को नास्तिक घोषित करने की अपील

उसने बताया कि खुद को नास्तिक घोषित किए जाने के लिए वर्ष 2017 में कोर्ट में अपील दायर की थी. लंबी और जटिल कानूनी प्रक्रिया के बाद आखिरकार उसे अब यह अधिकार मिल ही गया है कि वह खुद नास्तिक बता सके. यूं तो पूरे विश्व में नास्तिकों की एक लंबी फेहरिस्त है, जो न तो किसी धर्म में विश्वास रखते हैं और न ही किसी मजहब में, मगर टोहाना के रवि कुमार शायद विश्व में एक मात्र ऐसे व्यक्ति हैं जिसने कानूनन यह हक हासिल किया है कि वह नास्तिक है.

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First published: December 28, 2018, 3:16 PM IST
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