किसानों को पराली जलाने से रोकने गांव पहुंचे 3 कृषि अधिकारियों को ग्रामीणों ने बनाया बंधक

नाराज किसानों ने कृषि विभाग के तीन अधिकारियों को चार घंटे तक एक गुरुद्वारे में बंधक बनाए रखा, बाद में पुलिस-प्रशासन के काफी समझाने-बझाने पर उन सबको रिहा किया

नाराज किसानों ने कृषि विभाग के तीन अधिकारियों को चार घंटे तक एक गुरुद्वारे में बंधक बनाए रखा, बाद में पुलिस-प्रशासन के काफी समझाने-बझाने पर उन सबको रिहा किया

अधिकारियों द्वारा लगभग चार घंटे तक समझाने-बुझाने पर किसानों ने इस शर्त पर बंधक बनाए गए कृषि विभाग (Agriculture Department) के अधिकारियों को छोड़ा कि वो दोबारा पराली जलाने (Stubble Burning) के मुद्दे पर गांव आकर किसानों को परेशान नहीं करेंगे

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 3, 2020, 12:04 AM IST
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टोहाना. हरियाणा (Haryana) के फतेहाबाद जिले के टोहाना (Tohana) में नाराज किसानों द्वारा कृषि विभाग के तीन अधिकारियों को बंधक बना लिया. किसान बंधक बनाए गए तीनों अधिकारियों को गुरुद्वारा लेकर आए. इनका कहना था कि सरकार किसानों को पराली की गांठे बनाने की मशीनें उपलब्ध कराए नहीं तो किसान ऐसे ही अपने खेतों में पराली को आग (Stubble Burning) लगाते रहेंगे. अगर किसी भी अधिकारी ने गांव में घुसने का प्रयास किया तो उन्हें ऐसे ही बंधक (Kidnap) बना लिया जाएगा.

बता दें कि कृषि विभाग को टोहाना के उदयपुर गांव में पराली जलाने को लेकर सैटेलाइट इमेज प्राप्त हुई थी. जिसके बाद इसका जायजा लेने के लिए विभाग की तरफ से हल्का पटवारी अनिल कुमार, ADO सुभाष चंद, ग्राम सचिव नवीन किशोर उदयपुर गांव पहुंचे थे. मगर जैसे ही इन्होंने यहां खेतों में प्रवेश किया ग्रामीणों ने उन्होंने बंधक बना लिया और गुरुद्वारा में ले आए. इसकी खबर फैलते ही यहां सैकड़ों की संख्या में लोग इकट्ठा हो गए.

किसानों द्वारा कृषि अधिकारियों को बंधक बना लिए जाने से महकमे में हड़कंप मच गया. कुछ देर में यहां विभाग के आला अधिकारी और पुलिस-प्रशासन पहुंचे और उन्होंने आक्रोशित किसानों को समझने का प्रयास किया. लेकिन किसान अपनी बात पर अड़े रहे कि सरकार पहले उन्हें पराली की गांठे बनाने की मशीनें उपलब्ध कराएं वरना वो पराली जलाने के लिए मजबूर होंगे.

Stubble burn haryana punjab
राज्य सरकारों द्वारा खेत में पराली नहीं जलाने या ऐसा करने पर जुर्माने का सामना करने को लेकर निर्देश जारी करने के बावजूद किसान ऐसा कर रहे हैं (फाइल फोटो)

चार घंटे तक समझाने-बुझाने पर बंधक बनाए कृषि अधिकारियों को छोड़ा

अधिकारियों द्वारा लगभग चार घंटे तक समझाने-बुझाने पर किसानों ने इस शर्त पर बंधक बनाए गए कृषि विभाग के अधिकारियों को छोड़ा कि वो दोबारा पराली जलाने के मुद्दे पर गांव आकर किसानों को परेशान नहीं करेंगे. किसानों ने कहा कि कृषि अधिकारियों ने पूर्व में जाखल गांव के मुख्य लोगों के साथ बैठक कर आश्वासन दिया था कि ट्रॉली की गांठे बनाने के लिए मशीनें उपलब्ध करवाई जाएंगी. लेकिन कई दिन बीत जाने के बाद भी इसका कोई प्रबंध नहीं किया गया.

वहीं कृषि विभाग के एसडीओ पवन महिला ने बताया कि उन्हें सैटेलाइट से पराली जलाने की लोकेशन प्राप्त हुई थी जिसके आधार पर उनके अधिकारी और पंचायत सेक्रेट्री हालात का जायजा लेने के लिए गांव आए थे. लेकिन किसानों को जैसे ही इस बात का पता चला वो इकट्ठे हो गए और उन लोगों ने तीनों अधिकारियों को बंधक बना लिया और गुरुद्वारे में बैठा लिया. बाद में काफी समझाइश पर उन्होंने सभी को छोड़ा. उन्होंने दोहराया कि किसान अगर खेतों में पराली को आग लगाएंगे तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी.
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