धान फसल की कटाई के साथ ही हरियाणा में शुरू हुआ पराली जलाने का सिलसिला

पराली जलाने वालों पर दर्ज होंगे केस
पराली जलाने वालों पर दर्ज होंगे केस

विभाग के अधिकारी बोले- लोकेशन ट्रेस होने के बाद अब संबंधित किसान (Farmer) या जमीन मालिक (Land Owner) के खिलाफ दर्ज की जाएगी एफआईआर.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 30, 2020, 8:01 AM IST
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फतेहाबाद. हरियाणा में धान फसल की कटाई के साथ ही पराली जलाने का सिलसिला शुरू हो गया है. पिछले 3 दिन में लगातार फतेहाबाद (Fatehabad) जिले के 6 गांव में करीब 10 जगहों पर पराली जलाई गई. कृषि विभाग के द्वारा स्थापित सेटेलाइट सिस्टम 'हरसेक' के जरिए फायर लोकेशन (Location) की पहचान हुई है. कृषि विभाग फतेहाबाद के उपनिदेशक राजेश सिहाग ने बताया कि फतेहाबाद जिले के गांव बढ़ई खेड़ा, डांगरा, लोहाखेड़ा, जमालपुर, समैन और चंदोकलां गांव में करीब 10 जगहों पर पराली जलाने (Stubble Burning) की लोकेशन प्राप्त हुई है.

राजेश सिहाग ने बताया कि पराली जलाए जाने की लोकेशन मिलने के बाद फिजिकल तौर पर रिपोर्ट तैयार करने के लिए संबंधित पटवारी, तहसीलदार व अन्य अधिकारियों की टीम को मौका पर भेजा गया है. उन्होंने कहा कि और रिपोर्ट मिलने के बाद आरोपी किसानों के खिलाफ पराली जलाने के आरोप में केस दर्ज किया जाएगा.

नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया
राजेश सिहाग ने बताया कि डीसी फतेहाबाद की ओर से एडीसी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है जिनके अंडर एसडीएम के सुपरविजन में अलग-अलग विभागों की टीमें पराली जलाए जाने की घटनाओं पर नजर रखेंगी. उन्होंने बताया कि कहीं भी पराली जलाने की सूचना मिलती है तो वहां मौके की रिपोर्ट तैयार कर संबंधित किसानों के खिलाफ कार्यवाही अमल में लाई जाएगी.
उपलब्ध करवाए गए संयंत्रों के जरिए पराली का निपटारा करें किसान


राजेश सिहाग ने कहा कि इस बार कृषि विभाग की जगह सरकार ने पॉल्यूशन विभाग को कंट्रोल डिपार्टमेंट बनाया है. कृषि विभाग की ओर से अपील की गई है कि किसान पराली को आग ना लगाएं और सरकार की ओर से उपलब्ध करवाए गए संयंत्रों के जरिए पराली का निपटारा करें.
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