एक साल में बनेंगे 7 लाख मीट्रिक टन क्षमता के वेयरहाउस, किसानों को होगा बड़ा लाभ

गोदामों की कमी से खराब हो जाती है किसानों की उपज (File Photo)
गोदामों की कमी से खराब हो जाती है किसानों की उपज (File Photo)

हरियाणा की अनाज मंडियों में इस साल अब तक खरीदा गया 31 लाख मिट्रिक टन धान, किसानों को 2050 करोड़ रुपये का भुगतान.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 26, 2020, 1:37 PM IST
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चंडीगढ़. फसल रखने के संबंध में आने वाली किसानों (Farmers) की एक बड़ी समस्या का समाधान कराने में हरियाणा सरकार (Haryana government) जुट गई है. यहां अगले एक साल में सात लाख मीट्रिक टन की क्षमता के गोदाम (Warehouses) बनाए जाएंगे. ये गोदाम निजी गोदामों की तर्ज पर पंचायतों के माध्यम से तैयार किए जाएंगे. इस बात की जानकारी डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला (Dushyant Chautala) ने दी है. गोदामों की कमी से किसानों की तैयार फसल को भी खराब होने का खतरा बढ़ जाता है. चौटाला ने कहा कि कृषि कानून (farm laws) किसानों व कृषि के लिए लाभदायक साबित होंगे. पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष अभी तक धान की दोगुना आवक हो चुकी है.

इस वर्ष अब तक 38 लाख मीट्रिक टन धान (Paddy) मंडियों में पहुंचा है, जिसमें से 31 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है. यही नहीं किसानों के खातों में दो हजार पचास करोड़ रुपये की राशि का भुगतान भी किया जा चुका है.

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खरीफ फसलों की खरीद में कहां है हरियाणा?




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उन्होंने कहा कि हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा जो तीन कृषि कानून लागू किए गए हैं, वह पूरी तरह से किसान व किसानी हितैषी हैं. इन कानूनों के बनने से किसानों को जहां अपनी फसल कहीं भी बेचने की आजादी मिली है, वहीं अनेक फसलों को एमएसपी पर भी खरीदा जा रहा है. सरसों, दाल, मक्का, बाजरा, कपास समेत कई फसलों को निर्धारित मूल्य पर ही खरीदा जाएगा.

चौटाला ने बताया कि भावान्तर भरपाई योजना के तहत प्रथम चरण में मात्र चार फसलों को शामिल किया गया था, लेकिन अब इस योजना का दायरा बढ़ाकर इसमें 11 बागवानी फसलों को शामिल कर दिया गया है, जिसमें टमाटर व अदरक की फसल भी शामिल है.



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चौटाला ने कहा कि पंचायत चुनाव में महिलाओं की हिस्सेदारी बढ़ी है. गत दिनों जींद में सात जिलों की 42 महिला जनप्रतिनिधियों को स्कूटी देकर सम्मानित किया गया है. इस प्रकार का कार्यक्रम पहले गुरुग्राम में भी आयोजित किया जा चुका है तथा जल्द ही पंचकूला में भी इसी तरह का आयोजन होगा. महिला जनप्रतिनिधियों को भी स्कूटी देकर सम्मानित किया जाएगा.
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