गुरुग्राम सामूहिक हत्‍याकांड: मां-बेटी के मोबाइल पर अटकी जांच, डिलीट किया गया था डाटा

एजेंसी की रिपोर्ट में वैज्ञानिक की पत्‍नी डॉक्‍टर सोनू और बेटी अदिति के मोबाइल से कोई डाटा नहीं मिला. रिपोर्ट में बताया गया कि दोनों के मोबाइल से पहले से डाटा डिलीट किया गया है.

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Updated: July 7, 2019, 9:46 PM IST
गुरुग्राम सामूहिक हत्‍याकांड: मां-बेटी के मोबाइल पर अटकी जांच, डिलीट किया गया था डाटा
एजेंसी की रिपोर्ट में वैज्ञानिक की पत्‍नी डॉक्‍टर सोनू और बेटी अदिति के मोबाइल में कोई डाटा नहीं मिला. (फाइल फोटो)
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Updated: July 7, 2019, 9:46 PM IST
गुरुग्राम के उप्पल साउथ एंड सोसायटी में रहने वाले वैज्ञानिक डॉ. प्रकाश सिंह की आत्महत्या और उनकी पत्नी, बेटे और बेटी की हत्या की वजह को लेकर पुलिस अब भी उलझन में है. पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है. हालांकि पुलिस की उलझन तब और बढ़ गई जब मोबाइल डाटा रिकवरी करने वाली एजेंसी हाईटेक ने रिपोर्ट दी.

एजेंसी की रिपोर्ट में वैज्ञानिक की पत्‍नी डॉक्‍टर सोनू और बेटी अदिति के मोबाइल से कोई डाटा नहीं मिला. रिपोर्ट में बताया गया कि दोनों के मोबाइल से पहले से डाटा डिलीट किया गया है. अब ये सवाल उठने लगे हैं कि आखिर मोबाइल में ऐसा क्‍या था कि जिसकी वजह से डाटा को डिलीट किया गया.

एजेंसी की रिपोर्ट के बाद अब साइबर विशेषज्ञ सोनू और अदिति के मोबाइल का डाटा रिकवर करने की कोशिश कर रहे हैं. मामले के बाद जब पुलिस घटनास्‍थल पर पहुंची तो उन्‍हें पानी के डिब्‍बे में तीन मोबाइल डूबे मिले थे. उनमें से एक मोबाइल वैज्ञानिक प्रकाश, एक उनकी पत्‍नी सोनू और एक उनकी बेटी अदिति का था. आईफोन मोबाइल वाटरप्रूफ होने के कारण खराब नहीं हुआ. बाकि दोनों मोबाइल बंद हालत में थे.

वारदात के समय गहरी नींद में थे पत्नी और बच्चे

इन तीनों की हत्या रात के समय गहरी नींद में 12 बजे से लेकर 2 बजे तक के बीच की गई हैं. जबकि चारों की मौत केवल आधे घंटे के अंदर हुई हैं. यानी डॉ प्रकाश ने इस पूरी वारदात को आंधे घंटे के अंदर ही अंजाम दे दिया है.

पत्नी पर किए गए 19 वार
पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों की टीम की मानें तो डाॅ प्रकाश ने पूरे परिवार के साथ खाना खाया और जब सभी गहरी नींद में सो गए तो फिर तेजधार हथियार (चाकू) और भारी हथियार (हथौडे़) से पूरे परिवार को मौत के घाट उतार दिया. डॉ प्रकाश ने अपनी पत्नी डॉक्टर सोनू सिंह पर 19 बार वार किया, जिनमें से सभी वार सिर और गर्दन पर थे.
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पत्नी के बाद बेटी और बेटे को उतारा मौत के घाट
इन 19 वारो में से 15 शार्प वार थे जबकि बाकी ब्लाइंड वार थे. उसके बाद बेटी अदिति पर 12 वार किए जबकि बेटे आदित्य पर 8 वार कर उतारा मौत के घाट दिया गया. ये सभी वार चाकू और हथौडे़ से किए गए.

गुस्से में दिया वारदात को अंजाम
मृतकों के शरीर पर गहरे वारों को देखकर डाक्टरों की टीम को लगता हैं कि डॉ प्रकाश ने काफी गुस्से में अपने परिवार को मौते के घाट उतारा था. डॉ प्रकाश परिवार को डराने और धमकाने के मकसद से परिवार पर जानलेवा हमला नहीं किया बल्कि पूरी सोची-समझी साजिश के तहत इस वारदात को अंजाम दिया.

फंदा लगा की आत्महत्या
सभी को मौत के घाट उतारना ही डॉ प्रकाश का टारगेट था. इसलिए खुद ने भी जो फंदा लगाया था, वो भी इस तरीके से लगाया था कि बचने की कोई गुजांइश न रह पाए. फिलहाल इस वारदात को डॉ प्रकाश ने कहीं नशे में तो अंजाम नहीं दिया, इसके लिए डॉक्टरों की टीम प्रकाश के विसरा रिपोर्ट का इंतजार कर रही है.

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First published: July 7, 2019, 9:34 PM IST
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