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राव इंद्रजीत सिंह: गुरुग्राम में चलता है इनका सिक्का, मोदी सरकार में मंत्री बनना तय

News18 Haryana
Updated: May 30, 2019, 1:25 PM IST
राव इंद्रजीत सिंह: गुरुग्राम में चलता है इनका सिक्का, मोदी सरकार में मंत्री बनना तय
राव इंद्रजीत सिंह

राव इंद्रजीत सिंह राज्य के दूसरे पूर्व मुख्यमंत्री राव बीरेंद्र सिंह के सुपुत्र हैं. राव इंद्रजीत सिंह 1977 से 1996 के बीच 4 बार विधानसभा सदस्य के रूप में चुने जा चुके हैं.

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हरियाणा की राजनीति में राव इंद्रजीत सिंह एक अलग नाम है या कहें कि यहां की राजनीति परिकल्पना बिना राव इंद्रजीत के करनी थोड़ी बेईमानी होगी. खासकर दक्षिण हरियाणा, जहां राव इंद्रजीत सिंह का अपना एक अलग राजनीतिक वजूद है. राव इंद्रजीत सिंह राज्य के दूसरे पूर्व मुख्यमंत्री राव बीरेंद्र सिंह के सुपुत्र हैं. राव इंद्रजीत सिंह 1977 से 1996 के बीच 4 बार विधानसभा सदस्य के रूप में चुने जा चुके हैं. इसके साथ ही वह 2 बार महेंद्रगढ़ और 2 बार गुरुग्राम क्षेत्र की नुमाइंदगी संसद में लोकसभा सदस्य के रूप में कर चुके हैं.

गुरुग्राम है राव इंद्रजीत सिंह का गढ़

गुरुग्राम लोकसभा सीट की बात करें तो यह सीट परिसीमन के बाद 2008 में अस्तित्व में आई. इसके बाद से हुए 3 चुनाव में राव इंद्रजीत सिंह का यहां वर्चस्व कायम रहा. 2009 में कांग्रेस के टिकट पर जीते राव इंद्रजीत सिंह ने अपने निकटतम बसपा प्रत्याशी जाकिर हुसैन को 84 हजार 864 वोटों से हराया था. इसके बाद 2014 में राव इंद्रजीत सिंह कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए और पार्टी ने उन्हें गुरुग्राम से उम्मीदवार बनाया था. 2019 में उन्होंने जीत की हैट्रिक लगाई



यहां चलता है इनका सिक्का

गुरुग्राम की सीट पर राव इंद्रजीत सिंह का सिक्का लंबे समय से कायम है. वह चाहे जिस भी पार्टी से चुनाव मैदान में हो लेकिन जीत उनकी ही होती है. इस सीट से उनके रसूख का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 2014 में कांग्रेस छोड़ बीजेपी में आए राव ने यहां आईएनएलडी उम्मीदवार जाकिर हुसैन को 2 लाख 74 हजार 722 वोटों से मात दी थी.

विरोधी राव को मानते हैं राजनीति का मौसम वैज्ञानिक
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राव के विरोधी उनको राजनीति का मौसम वैज्ञानिक मानते हैं. राव जब भी चुनाव जीते तो वह चाहे विधानसभा हो या लोकसभा, अधिकतर समय वह सत्ता का सुख मंत्री पद के रूप में उठाते रहे. मौजूद केंद्र की हुकूमत में भी राव केंद्रीय कैबिनेट में राज्य मंत्री के रूप में आसीन हैं.



6 लोकसभा सीटों पर राव का दबदबा

उनका हरियाणा की राजनिति में प्रभाव इस बात से लगाया जा सकता है कि यहां की 6 लोकसभा सीट- महेंद्रगढ़, भिवानी, गुरुग्राम, फरीदाबाद, रोहतक और हिसार लोकसभा सीट पर राव का अपना दबदबा है. उनका प्रभाव राज्य की 24 विधानसभा सीटों पर भी माना जाता है.

इस बार राव बनाम राव

अजय यादव राव अभय सिह के पुत्र हैं. जानकारों की मानें तो राव अभय सिंह और बीजेपी उम्मीदवार राव इंद्रजीत सिंह के पिता राव बीरेंद्र के बीच राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी किसी से छुपी नहीं है. गुरुग्राम लोकसभा सीट में इस बार लड़ाई आसान नहीं होने वाली है. बीजेपी उम्मीदवार राव इंद्रजीत सिंह यहां पर अपनी अलग पकड़ रखते हैं तो वहीं अजय यादव भी कांग्रेस के दिग्गज नेता में शुमार हैं. अहीर प्रभाव वाली इस सीट पर मुकाबला बड़ा दिलचस्प है. फिलहाल मतदान हो चुका है और 23 मई को पता चल जाएगा कि इन दोनों में कौन किसपर भारी पड़ता है.

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First published: May 30, 2019, 12:30 PM IST
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