हाईकोर्ट की ओर से गठित टीम ने किया बाल आश्रय गृहों का निरीक्षण

पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय द्वारा गठित कमेटी के चेयरमैन मुख्य दंडाधिकारी नरेंद्र सिंह व कमेटी की सदस्य निशा सैनी ने शनिवार सुबह गुरुग्राम के दो बाल आश्रय गृह का दौरा किया.

Dharamvir Sharma | News18 Haryana
Updated: August 13, 2018, 12:43 AM IST
हाईकोर्ट की ओर से गठित टीम ने किया बाल आश्रय गृहों का निरीक्षण
टीम को दीप आश्रम में कई खामियां मिलीं.
Dharamvir Sharma | News18 Haryana
Updated: August 13, 2018, 12:43 AM IST
उत्‍तर प्रदेश में देवरिया के आश्रय गृह (शेल्टर होम) में हुई घटना के बाद शनिवार को पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय द्वारा गठित टीम ने गुरुग्राम के दो आश्रय गृह का औचक निरीक्षण किया. एक आश्रय गृह में 20 विदेशी लोग ठहरे मिलने पर प्रबंधन से जवाब मांगा गया. इस संबंध में बाल कल्याण समिति को इसकी जांच करने के निर्देश दिए गए हैं. टीम को यहां बच्चों के रखने के नियम में भी खामियां मिली हैं और नियमों का उल्लंघन पाया गया. टीम ने खामियों को तुरंत प्रभाव से दूर करने के भी आदेश दिए हैं.

पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय द्वारा गठित कमेटी के चेयरमैन मुख्य दंडाधिकारी नरेंद्र सिंह व कमेटी की सदस्य निशा सैनी ने शनिवार सुबह गुरुग्राम के दो बाल आश्रय गृह का दौरा किया. उन्होंने सेक्टर-21 स्थित आरुषि होम व सेक्टर-18 स्थित दीप आश्रम में पाया कि आश्रम में रहने वाले बच्चों को नियमानुसार बाल कल्याण कमेटी के तीन सदस्यों के हस्ताक्षर की बजाय एक सदस्य के हस्ताक्षर के आधार पर रखा गया है. प्रबंधन कमेटी की बैठक का भी रिकॉर्ड नहीं मिला है.

मुख्य दंडाधिकारी ने दीप आश्रम में पाया कि यहां करीब 20 विदेशी लोग रह रहे हैं. इस पर मुख्य दंडाधिकारी भड़क गए. उन्होंने इन विदेशियों के आश्रम में ठहरने की अनुमति के बारे में पूछा तो आश्रम संचालक ने उनके मेहमान होने की बात कही. इसकी जानकारी भी बाल कल्याण समिति को नहीं दी गई थी. इस पर उन्होंने संबंधित विभाग को मामले में संज्ञान लेने के निर्देश दिए.
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