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चुनाव में संभालते हैं सुरक्षा का जिम्मा, लेकिन 57 साल से इन्हें नहीं मिला वोट देने का हक़!

चुनाव में संभालते हैं सुरक्षा का जिम्मा, लेकिन 57 साल से इन्हें नहीं मिला वोट देने का हक़!

अपनी स्थापना के वक्त से ही होमगार्ड जवान वोट देने की लड़ाई लड़ रहे हैं. (File Photo)

अपनी स्थापना के वक्त से ही होमगार्ड जवान वोट देने की लड़ाई लड़ रहे हैं. (File Photo)

हरियाणा (Haryana) के 14 हजार से ज्यादा होमगार्ड (Home Guard) के जवान दूसरी फोर्स (Force) की तरह से ड्यूटी के दौरान वोट (Vote) देने के हक़ की मांग कर रहे हैं.

    चण्डीगढ़. चुनाव ड्यूटी (Election Duty) हो या फिर कोई और मौका, हाथ में डंडा लिए ये जवान भी पुलिस (Police) के साथ कंधे से कंधा मिलाकर पूरी जिम्मेदारी के साथ अपनी डयूटी करते हैं, लेकिन हैरत की बात यह है कि चुनाव के दौरान दिन-रात ड्यूटी करने वाले ये जवान खुद 57 साल से वोट देने के हक़ से वंचित हैं. ऐसा नहीं है कि इसकी जानकारी चुनाव आयोग (Election Commission) को नहीं है. लेकिन, अफसोस की होमगार्ड (Home Guard) के इन जवानों की कोई सुनने वाला नहीं है.

    जानकारों की मानें तो हरियाणा में 14 हजार होमगार्ड के जवानों के पद हैं. लेकिन, हर चुनाव में ड्यूटी पर रहने वाले ये जवान 57 साल से वोट देने के हक़ का इंतजार कर रहे हैं. इस बार भी हरियाणा विधानसभा चुनाव 2019 उन्हें ड्यूटी के दौरान वोट देने का हक़ मिलता हुआ नहीं दिख रहा है. चुनाव आयोग से लेकर सरकार तक में गुहार लगाने वाले इन जवानों की कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है. अपने ही प्रदेश की सरकार चुनने में इन्हें कोई नहीं पूछ रहा है. ऐसा नहीं है कि विधानसभा चुनावों के दौरान ही ऐसा होता है. लोकसभा चुनावों में भी इनके वोट की कोई अहमियत नहीं समझी जाती है.

    पोस्टल बैलेट का नहीं है हक़

    जानकार बताते हैं कि हरियाणा के सभी सरकारी विभाग के कर्मचारी चुनाव ड्यूटी में लगाए जाते हैं. इस दौरान उन्हें पोस्टल बैलेट की सुविधा दी जाती है. इसका इंतजाम प्रशासन करता है, लेकिन होमगार्ड सरकारी कर्मचारी की श्रेणी में नहीं आते हैं. इसलिए इन्हें पोस्टल बैलेट से वोट देने का हक़ नहीं है.

    1962 में बना था होमगार्ड विभाग

    जानकार बताते हैं कि वर्ष 1962 में होमगार्ड विभाग का गठन हुआ था, लेकिन 57 साल बाद भी होमगार्ड जवान को वोट देने का हक़ नहीं दिया गया है. एक आम नागरिक की तरह उसे वोट देने का हक है, लेकिन अपनी ड्यूटी के चलते वह इस हक़ का इस्तेमाल नहीं कर पाता है. इस संबंध में हरियाणा होमगार्ड वेलफेयर एसोसिएशन कई बार इस संबंध में चुनाव आयोग से लेकर सीएम और संबंधित मंत्रियों तक गुहार लगा चुकी है, लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है.

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    Tags: Election commission, Haryana Assembly Election 2019, Haryana Election 2019

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