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यूपी ही नहीं हरियाणा, राजस्थान की सियासत में भी भारी पड़ता है गुरु गोरखनाथ मठ!

यूपी ही नहीं हरियाणा, राजस्थान की सियासत में भी भारी पड़ता है गुरु गोरखनाथ मठ!

रोहतक स्थित अस्थल बोहर मठ (मस्तनाथ मठ)

रोहतक स्थित अस्थल बोहर मठ (मस्तनाथ मठ)

Haryana Assembly Election: महंत श्रयोनाथ, जिन्होंने हुड्डा परिवार को दो बार हराया, इसी मठ के महंत बालकनाथ इस समय अलवर से हैं सांसद

नई दिल्ली. बाबा गोरखनाथ मठ (Gorakhnath Math) इन दिनों उत्तर प्रदेश की सियासत (Politics) का सबसे शक्तिशाली केंद्र है. पूर्वांचल में तो कई दशक से यह मठ बड़ी राजनीतिक ताकत रहा है. हरियाणा (Haryana) और राजस्थान की राजनीति में भी गोरखनाथ संप्रदाय का मठ कांग्रेस (Congress) और अन्य क्षेत्रीय दलों को चुनावी दंगल में शिकस्त देता रहा है.

पहले हम बात कर रहे हैं महंत श्रयोनाथ की, जिन्होंने हुड्डा परिवार को दो बार हराया. बात 1967 के विधानसभा चुनाव (Assembly Election) की है जब जाटों के गढ़ किलोई (रोहतक) में संविधान निर्मात्री सभा के सदस्य रहे स्वतंत्रता सेनानी रणबीर सिंह हुड्डा (Ranbir Singh Hooda) और अस्थल बोहर मठ (मस्तनाथ मठ) के महंत श्रेयोनाथ के बीच मुकाबला हुआ.

निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में दी शिकस्त

मठ का जनता पर प्रभाव था. इसीलिए महंत निर्दलीय मैदान में उतरे थे फिर भी उन्होंने 53.78 प्रतिशत वोट लेकर कांग्रेस प्रत्याशी हुड्डा को हरा दिया. श्रेयोनाथ अपने समय के जाने-माने वैद्य थे. वो 70 के दशक में हरियाणा राज्य का गठन होने के बाद यहां मंत्री भी रहे. इसी गद्दी के उत्तराधिकारी महंत चांदनाथ हुए.

वो अलवर के सांसद भी चुने गए. जब बीमार पड़े तो उन्होंने जुलाई 2016 में महंत बालकनाथ को अपना उत्तराधिकारी घोषित किया. उस कार्यक्रम में बाबा रामदेव और योगी आदित्यनाथ भी आए थे. बालकनाथ वर्तमान में अलवर से बीजेपी सांसद हैं.

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इस मठ के महंत बालकनाथ योगी अलवर से बीजेपी सांसद हैं


रणवीर सिंह हुड्डा ने भी लिया सियासी बदला

हम 70 दशक में इस मठ के प्रभाव की बात करें तो भूपेंद्र सिंह हुड्डा के पिता रणवीर सिंह हुड्डा अपनी हार का बदला लेना चाहते थे. उनके हाथ वो मौका 1968 के मध्यावधि चुनाव में लगा. उन्होंने श्रेयोनाथ को हराकर अपना बदला ले लिया. चुनाव आयोग (Election Commission) के मुताबिक तब हुड्डा को 51.93 फीसदी वोट मिले थे. मठ और कांग्रेस के इस लीडर के बीच लड़ाई यहीं नहीं रुकी.

फिर महंत ने प्रताप सिंह को हराया

जब 1972 का विधानसभा चुनाव हुआ तो रणवीर सिंह हुड्डा के बेटे प्रताप सिंह कांग्रेस की टिकट पर मैदान में उतरे. जबकि महंत श्रेयोनाथ कांग्रेस (ओ) से. इस चुनाव में महंत को 54.37 फीसदी वोट मिले. उन्होंने प्रताप सिंह को हरा दिया था.

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Tags: Congress, Gorakhnath, Haryana Assembly Election 2019, Haryana Election 2019, Rohtak

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