चाइना से विवाद के बीच जापानी कंपनियों पर हरियाणा का फोकस, सरकार ने कही बड़ी बात
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चाइना से विवाद के बीच जापानी कंपनियों पर हरियाणा का फोकस, सरकार ने कही बड़ी बात
चीन से चल रहे विवाद के बीच हरियााणा सरकार ने जापानी कंपनियों के लिए कही बड़ी बात

देश में निवेश करने वाली कुल जापानी कंपनियों का 27 फीसदी से अधिक अकेले हरियाणा में हैं.

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चंडीगढ़. चीन से चल रहे विवाद के बीच अब देश के प्रमुख औद्योगिक राज्य हरियाणा ने जापानी कंपनियों (Japanese companies) पर दांव लगाना शुरू कर दिया है. हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कारपोरेशन (HSIIDC) के मैनेजिंग के मनेजिंग डायरेक्टर अनुराग अग्रवाल ने जापानी कंपनियों के साथ भारत के उतरी राज्यों में निवेश के अवसर पर एक वेबिनार किया.

अग्रवाल ने बताया कि जेट्रो (JETRO-Japan External Trade Organization) द्वारा किए गए एक अध्ययन के अनुसार, भारत में रजिस्टर्ड जापानी कंपनियों की संख्या 2006 में 267 थी जो 2017 में बढ़कर 1369 और 2018 में 1441 हो गई है. इनमें से 393 कंपनियां हरियाणा में हैं. जो कि देश में जापानी कंपनियों का 27 प्रतिशत से अधिक है.

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अग्रवाल ने दावा किया कि भारत में कंपनियों की उच्चतम विकास दर हरियाणा में है, जोकि देश की 5.26 प्रतिशत वृद्वि दर के मुकाबले 15.6 फीसदी है.
निवेश पर क्या मिलेगी छूट

हरियाणा एंटरप्राइज प्रमोशन पॉलिसी 2015 में निवेशकों को 75 प्रतिशत तक निवेश प्रोत्साहन, स्टांप ड्यूटी की 100 प्रतिशत रिंबर्समेंट, 100 प्रतिशत बिजली शुल्क में छूट के साथ-साथ रोजगार सृजन सब्सिडी जैसे आर्थिक प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं. राज्य सरकार ने कृषि और खाद्य प्रसंस्करण, आईटी और ईएसडीएम, लॉजिस्टिक और वेयरहाउसिंग, वस्त्र और फार्मास्युटिकल क्षेत्र के लिए क्षेत्र विशेष नीतियां बनाई हैं.

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हरियाणा में 393 जापानी कंपनियां हैं.


रोजगार को बढ़ावा देने का ये है प्लान

हरियाणा में उद्योगों को बढ़ावा देने व युवाओं को रोजगार (Employment) उपलब्ध करवाने के मकसद से एचएसआईआईडीसी सोहना व आईएमटी खरखौदा में 4000 से अधिक प्लाटों के आवंटन का काम चल रहा है. इन औद्योगिक प्लाटों के लिए आईएमटी मानेसर में 1500 एकड़ व खरखौदा में 3000 एकड़ जमीन ली गई है. 34 औद्योगिक एस्टेट विकसित किए हैं, जिनमें उद्योग लगाने के लिए 450 से लेकर 4,000 वर्ग मीटर तक के प्लॉट उपलब्ध हैं.

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अग्रवाल ने बताया कि हरियाणा (Haryana) से नेशनल और इंटरनेशनल कनेक्टिविटी बहुत अच्छी है. पूरा राज्य दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कोरिडोर, अमृतसर-कोलकाता औद्योगिक कोरिडोर और कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेसवे से कवर किया गया है.

हालांकि, हरियाणा में बड़ी संख्या में चाइनीज कंपनियां भी हैं. खासतौर से गुरुग्राम में. जहां करीब पांच हजार चाइनीज लोग काम करते हैं.

 
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