हरियाणा सरकार ने गन्ना किसानों को दी बड़ी राहत, गन्ने के भाव ₹10 प्रति क्विंटल बढ़ाए

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर (फाइल फोटो)
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर (फाइल फोटो)

हरियाणा (Haryana) के मुख्यमंत्री मनोहर लाल (CM Manohar lal) ने गन्ना किसानों समेत सभी किसानों (Farmer) को कई तरह की सहूलितें दी हैं. गन्ने की फसल के दाम बढ़ाने के साथ ही खेतों में बिजली (electricity) की सप्लाई को बढ़ाया है.

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  • Last Updated: November 9, 2020, 8:53 PM IST
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चंडीगढ़. हरियाणा (Haryana) के मुख्यमंत्री मनोहर लाल (Chief Minister Manohar Lal) ने प्रदेश के गन्ना किसानों (Sugarcane farmers) को राहत दी है. मुख्यमंत्री ने गन्ने की फसल के दाम (Price) में प्रति क्विंटल 10 रुपये की बढ़ोत्तरी की है. साथ ही किसानों (Farmers) को कई तरह की  सहूलियतें दीं है.

मुख्यमंत्री ने रबी की फसल बुआई सीजन के लिए 7 जिलों में कृषि नलकूपों के लिए बिजली आपूर्ति को आठ घंटे से बढ़ाकर 10 घंटे कर दिया है. इसके साथ ही किसानों की मांग पर गन्ने के भाव में 10 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाने का निर्णय लिया है और अब ये भाव 340 रुपये प्रति क्विंटल से बढकर 350 रुपये प्रति क्विंटल हो गए हैं, जो देश में सर्वाधिक हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष का काम केवल किसानों के नाम पर दिखावे की राजनीति करना है, जबकि हमारी सरकार किसानों के हित में काम कर रही है. किसानों के हिता में जो भी काम सरकार को दिखाई देता है वह करती है.

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वहीं एमबीबीएस की फीस बढ़ाने पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि एमबीबीएस की फीस जो पहले 60,000 रुपये प्रतिवर्ष थी, उसे बढ़ाकर 80,000 रुपये प्रतिवर्ष किया गया है. उन्होंने कहा कि 10 लाख रुपये का बॉन्ड एमबीबीएस करने वाले सरकारी मेडिकल कॉलेजों के छात्रों से भरवाया जाएगा और यह बॉन्ड सरकारी नौकरी प्राप्त करने के लिए एक प्रावधान होगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष इस पर भी अफवाह फैलाने में लगा है, जो सरासर गलत है.


उन्होंने कहा कि प्राईवेट मेडिकल कॉलेजों में तो 12 से 15 लाख रुपये प्रतिवर्ष फीस ली जाती है, जबकि सरकारी कॉलेजों में फीस बढ़ाने के बावजूद पूरी एमबीबीएस पढ़ाई की फीस 4 लाख रुपये में ही पूरी हो जाती है.उन्होंने कहा कि बहुत सारे सरकारी खर्चों के बढ़ने के बाद एमबीबीएस की फीस बढ़ाई गई है, जो बहुत ज्यादा धन राशि नहीं हैं. लेकिन विपक्ष के लोग इसको मुद्दा बनाकर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे हैं, जो ठीक बात नहीं है.
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