खट्टर सरकार का फैसला- रेप का आरोप लगने पर रुक जाएगी पेंशन, जब्‍त होगा ड्राइविंग लाइसेंस

खट्टर सरकार बलात्‍कार के मामलों में पीड़िता को वकील की नियुक्ति के लिए 22,000 रुपये की वित्तीय सहायता देगी.

News18Hindi
Updated: July 12, 2018, 7:35 PM IST
खट्टर सरकार का फैसला- रेप का आरोप लगने पर रुक जाएगी पेंशन, जब्‍त होगा ड्राइविंग लाइसेंस
सीएम मनोहर लाल खट्टर (File Photo)
News18Hindi
Updated: July 12, 2018, 7:35 PM IST
राज्‍य में महिलाओं की सुरक्षा और बलात्‍कार के मामले में पीड़िता को जल्‍द से जल्‍द इंसाफ दिलाए जाने को लेकर हरियाणा सरकार ने कई बड़े फैसले लिए हैं. खट्टर सरकार बलात्‍कार के मामलों में पीड़िता को वकील की नियुक्ति के लिए 22,000 रुपये की वित्तीय सहायता देगी. महिलाओं से होने वाली छेड़छाड़ की घटनाओं पर भी सख्‍ती से कदम उठाने का निर्देश दिया गया है.

सरकार ने फैसला किया है कि जो भी व्‍यक्‍ति छेड़छाड़ और बलात्‍कार जैसे मामलों में आरोपी होगा, उसका तत्‍काल प्रभाव से पेंशन, ड्राइविंग लाइसेंस और हथियार का लाइसेंस वापस ले लिया जाएगा. इसी के साथ अगर दोष साबित हो जाता है तो ये सभी सुविधाएं स्‍थायी रूप से छीन ली जाएंगी.

इसी तरह छेड़छाड़ के मामलों में जांच अधिकारी को अपनी रिपोर्ट 15 दिनों के भीतर जमा करनी होगी. अगर 15 दिनों के अंदर जांच अधिकारी मामले में रिपोर्ट नहीं सौंपता तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. बलात्कार के मामलों को तेजी से ट्रैक किया जाएगा और जांच पूरी होने के 30 दिनों के भीतर कार्रवाई शुरू की जानी चाहिए.

महिलाओं की सुरक्षा के लिए दुर्गा शक्ति नाम की पीसीआर को तैनात किया जाएगा और हरियाणा के विभिन्न जिलों के लिए भेजा जाएगा. हरियाणा में 6 फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित किये जाएंगे, जो उच्च न्यायालय को अपनी रिपोर्ट सौंपेगें. फास्ट ट्रैक कोर्ट हरियाणा उच्च न्यायालय की देखरेख में काम करेगी. इसी के साथ हर मामलों की समय सीमा पर रखी जाएगी. जिससे पीड़िता को समय पर इंसाफ दिया जा सके.

इसे भी पढ़ें :-

क्‍या हिंसक जाट आंदोलन के सहारे खट्टर सरकार को थी गिराने की साजिश!

पीएम मोदी ने की हरियाणा की तारीफ, मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को दी बधाई
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर