3000 रुपये वाली पेंशन योजनाओं में नंबर-1 हुआ हरियाणा, ये है वजह!

हरियाणा में पीएम मोदी के नाम पर ही लड़ा जाएगा चुनाव!

मोदी सरकार (Modi Government) की तीन पेंशन स्कीमों (Pension Schemes) में हरियाणा ने बड़े-बड़े प्रदेशों को पीछे छोड़ दिया है, आखिर इसकी वजह क्या है?

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    नई दिल्ली. सिर्फ 2.54 करोड़ की जनसंख्या वाला छोटा सा प्रदेश हरियाणा (Haryana) मोदी सरकार (Modi Government)  की तीन-तीन योजनाओं में नंबर वन है. मोदी सरकार ने अपने कार्यकाल में तीन पेंशन स्कीम लॉंच की है और तीनों में मनोहरलाल खट्टर (Manohar Lal Khattar) की सरकार ने पहला नंबर हासिल किया है. यूपी (UP) , महाराष्ट्र (Maharashtra ) और मध्य प्रदेश जैसे बड़े राज्य लोगों का बुढ़ापा सुरक्षित करने में हरियाणा से पीछे हैं. यह तो तब है जब हरियाणा अपने यहां के बुजुर्गों को देश में सबसे अधिक पेंशन देता है.

    किसानों, असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों और व्यापारियों के लिए मोदी सरकार ने पेंशन स्कीम लॉंच की है, जिनमें 18 से 40 साल के लोग रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं. प्रीमियम 55 से लेकर 200 रुपये प्रतिमाह तक है. इतना ही प्रीमियम भारत सरकार भी दे रही है. तीनों योजनाओं में 60 साल पूरा होने के बाद प्रतिमाह 3000 रुपये पेंशन मिलने का प्रावधान है.

    प्रधानमंत्री किसान मानधन स्कीम

    प्रधानमंत्री मानधन योजना (PM mandhan yojana) के तहत 9 अगस्त को रजिस्ट्रेशन शुरू हुआ था. इसमें अब तक देश भर में 16,65,060 किसान रजिस्ट्रेशन करवा चुके हैं. इसमें सबसे अधिक 399794 किसान हरियाणा के हैं. हरियाणा कृषि और पशुपालन पर आधारित राज्य है. 20 करोड़ की आबादी वाले यूपी में हरियाणा से लगभग आधे 206124 किसानों ने ही इसमें रजिस्ट्रेशन करवाया है.

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    किसान मानधन योजना में 60 साल बाद 3000 रुपये पेंशन मिलने का प्रावधान है


    प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना

    असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को पेंशन नहीं मिल पाती थी. इसलिए मोदी सरकार ने इसी साल 15 फरवरी उनके लिए पेंशन योजना बनाई. इसमें अब तक 32,54,974 श्रमिकों ने रजिस्ट्रेशन करवाया है. जिसमें 6,14,890 श्रमिकों के साथ हरियाणा नंबर एक पर है. हरियाणा में गुरुग्राम, फरीदाबाद, पानीपत, अंबाला, रेवाड़ी और यमुनानगर बड़े औद्योगिक क्षेत्र हैं, जिनमें असंगठित क्षेत्र के श्रमिक भी बड़े पैमाने पर काम करते हैं.  इस योजना में 5,69,165 श्रमिकों के साथ महाराष्ट्र दूसरे नंबर पर है.

    प्रधानमंत्री लघु व्यापारिक मानधन योजना

    छोटे कारोबारियों को सामाजिक सुरक्षा देने के लिए मोदी सरकार ने 12 सितंबर को किसानों की तरह ही प्रधानमंत्री लघु व्यापारिक मानधन योजना (Pradhan Mantri Laghu Vyapari Maan Dhan Yojana) शुरू की. जिसके तहत व्यापारियों को भी उनके बुढ़ापे में पेंशन दी जाएगी. हालांकि, व्यापारी वर्ग वैसी दिलचस्पी नहीं दिखा रहा है जैसी श्रमिकों और किसानों ने दिखाई है. केंद्र सरकार के सूत्रों के मुताबिक अब तक सिर्फ 2121 लोगों ने रजिस्ट्रेशन करवाया है. जिसमें 447 व्यापारियों के साथ हरियाणा पहले और 205 के साथ बिहार दूसरे स्थान पर है.

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    सालाना 1.5 करोड़ रुपये टर्नओवर वाले व्यापारियों के लिए भी पेंशन स्कीम


    प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि

    पीएम किसान सम्मान निधि में भी हरियाणा बहुत पीछे नहीं है. इस स्कीम में 1.72 करोड़ किसानों के साथ यूपी नंबर है. हरियाणा इसमें बहुत पीछे है. इसमें 13,73,656 किसानों का रजिस्ट्रेशन हुआ है.

    सोमवार को दिल्ली में न्यूज18 हिंदी से बातचीत में हरियाणा बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला ने कहा कि ऐसा इसलिए है क्योंकि हमारे यहां सरकार और जनता दोनों जागरूक है. हर कोई चाहता है कि उसका बुढ़ापा सुरक्षित हो जाए. सरकार ने जागरूकता भी फैलाई है इसलिए छोटा प्रदेश होते हुए भी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने में हम नंबर वन आ रहे हैं.

    यह भी है वजह!

    श्रमिकों के लिए जब पेंशन स्कीम शुरू की गई तो हरियाणा सरकार ने अपने सभी उप श्रमायुक्तों को अनौपचारिक रूप से कहा वो इसमें अधिक से अधिक रजिस्ट्रेशन करवाएं. हर डिप्टी लेबर कमिश्नर को एक-एक हजार रजिस्ट्रेशन रोजाना करने का टारगेट रखा गया. इसी तरह का टारगेट कृषि अधिकारियों को भी दिए गए हैं.

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