हिसार: 5 दिन के भीतर डेयरी में 42 भैंसों की मौत, डॉक्‍टरों में मची खलबली  

बड़ी तादाद में भैंस मरने से स्‍थानीय प्रशासन भी सकते में है. (प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर)
बड़ी तादाद में भैंस मरने से स्‍थानीय प्रशासन भी सकते में है. (प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर)

जब एक के बाद एक भैंस मरने लगी तो डेयरी संचालक (Owner) ने इसकी सूचना स्थानीय सरकारी पशु चिकित्सक (Doctor) को दी. अगले दिन को डेयरी संचालक दिन भर लुवास चिकित्सकों से संपर्क का प्रयास करता रहा, लेकिन रविवार होने के कारण उनसे बातचीत नहीं हो पाई.

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हिसार. जिले के गांव नंगथला से सिंदोल रोड पर पशु डेयरी में पशुओं के मरने का सिलसिला थमा नहीं है. 72 घंटे में 29 दूधारू भैंसों की मौत (Death) हुई थी तो अब मंगलवार को 13 और पशुओं ने दम तोड़ दिया. अब मृत भैंसों की संख्‍या अब 42 हो गई है. हिसार (Hisar) की उपायुक्त डॉ. प्रियंका सोनी ने कहा प्राथमिक जांच में सामने आया है कि पशुओं में आंतों में इन्फेक्शन होने के कारण मौतें हुई है. लुवास की टीमें जांच कर रहे हैं.

महालक्ष्मी डेयरी के संचालक रणवीर ने बताया की वह पिछले करीब 30 सालों से पशु डेयरी चला रहे हैं. डेयरी में करीब 110 पशु मौजूद थे, जिनके मरने का सिलसिला 5 दिन पहले शुरू हुआ था, जो अभी तक रुका नहीं. रणबीर ने बताया की 5 दिन पहले उनकी एक गाय की मौत हो गई थी, लेकिन इतने पशुओं में उसने गाय की मौत पर गंभीरता से ध्यान नहीं लिया.

उसके बाद में उसकी 2 भैंस और मर गईं. रणबीर ने बताया की पिछले 3 दिनों में शनिवार से आज तक उसकी कुल 29 भैंसों की मौत हो चुकी है, जिनमें शनिवार को 3, रविवार को 9 और सोमवार सुबह से मगलवार सायं तक 11 भैंसों की मौत हो चुकी थी. कुल मिलाकर अब तक 42  भैंसों की मौत हो चुकी है . एक-एक भैंस की कीमत एक से दो लाख रुपये तक की थी, जिनके अज्ञात बीमारी से मर जाने से उन्हें 30 लाख रुपये से ज्यादा का नुकसान हो चुका है. अब और मौत हुई है.



शनिवार को जब एक के बाद एक भैंस मरने लगी तो डेयरी संचालक ने इसकी सूचना स्थानीय सरकारी पशु चिकित्सक को दी. अगले दिन रविवार को डेयरी संचालक दिन भर लुवास चिकित्सकों से संपर्क का प्रयास करता रहा, लेकिन रविवार होने के कारण उनसे बातचीत नहीं हो पाई. उसने विश्वविद्यालय में भी चार-पांच बार पहुंचकर संपर्क किया. इसके बाद रविवार सायं जब स्थानीय चिकित्सक डेयरी पर पहुंचा तो उसने कुछ दवाएं देकर लुवास के चिकित्सकों को  सूचित किया. सोमवार को पशु चिकित्सकों की टीम सूचना के बाद पहुंची. जब तक डेयरी मालिक की 22 भैंसें दम तोड़ चुकी थी.
प्राथमिक जांच में ये बात आई सामने

लुवास से पशु चिकित्सक डॉ नरेश जिंदल ने बताया की मृत पशुओं का पोस्टमार्टम कर उनका विसरा जांच के लिए लैब में भिजवा दिया. चिकित्सकों के अनुसार जब तक विसरे की रिपोर्ट नहीं आ जाती, तब तक पशुओं की मौत का कारण पता नहीं लग पाएगा. प्राथमिक जांच में सामने आया है कि पशुओं में इन्फेक्शन होने के कारण मौतें हुई है.

पोस्टमार्टम की रिपोर्ट के बाद होगा मौत के कारणों का खुलासा

हिसार की उपायुक्त डॉ प्रियंका सोनी ने बताया कि उन्हें जैसे ही इस मामले का पता लगा तो उन्होंने संबंधित विभाग से सम्पर्क किया. उन्होंने बताया की अभी तक प्राथमिक जांच में सामने आया है की पशुओं में आंतों में इन्फेक्शन होने के कारण मौते हो रही है. लुवास की टीम मौके पर गई हुई है और जांच कर रही है. जैसे ही पोस्टमार्टम की रिपोर्ट सामने आएगी उससे सही कारणों का पता लग पाएगा.
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