हरियाणा: खराब मौसम ने फिर रोका पर्वतारोही अनीता कुंडू का रास्ता, माउंट ल्होट्से से बेस कैंप लौटी

अनीता 12 साल से पर्वतारोहण के साहसिक खेल को खेल रही है.

अनीता 12 साल से पर्वतारोहण के साहसिक खेल को खेल रही है.

माउंट ल्होत्से (Mount lhotse) की ऊंचाई 8516 मीटर है, जो कि माउंट एवरेस्ट (Mount Everest) के लगभग समान ही है.

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हिसार. विश्व विख्यात पर्वतारोही अनीता कुंडू (Anita Kundu) माउंट ल्होट्से चोटी से बेस कैंप में लौट गई हैं. एक बार फिर अनीता कुंडू का रास्ता खराब मौसम (Bad Weather) ने रोक लिया. तीसरी बार अनीता का खराब मौसम ने रास्ता रोका है. अनीता ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि मैंने मेरी तरफ से 100 फीसदी प्रयास किया है. लेकिन लहोत्से के बिलकुल पास से मौसम खराब होने के कारण वापिस आना पड़ा है. आज फिर मौसम की मार ने रास्ता रोका और कुछ अन्य कारण भी रहे है. आज टूट चुकी हूं, फिर उठूंगी चलूंगी और सफर पर चलूंगी. अनीता के हौंसले अब भी बुलंद हैं.

अनीता के सहयोगी रमेश ने बताया कि तीन बार मौसम की मार के कारण चोटी के करीब से वापिस आना पड़ रहा है. मौसम बहुत ज्यादा खराब है. पिछली बार भी खराब मौसम में उनकी जान जा सकती थी, मगर अभी वो सुरक्षित हैं. अभी अनीता बेसकैंप में है. मौसम साफ होने का इंतजार है. जैसे ही मौसम साफ होगा अनीता अपने सफर पर निकल पड़ेगी.

गौरतलब है कि अनीता ने गत माह नेपाल की टेक्निकल माउंटेन लोबुचे को फतेह किया था जिसकी ऊंचाई करीब 6 हजार 119 मीटर है. उसके बाद अनीता ने नेपाल लहोत्से की चढ़ाई शुरू की थी. जिसकी ऊंचाई 8516 मीटर है. अनीता बेस कैंप चार में है जो आठ हजार मीटर की ऊंचाई पर है. खराब मौसम ने अनीता का तीन बार रास्ता रोक लिया. अब अनीता बेस कैंप में है. मौसम साफ होने के बाद अनीता फिर से चढ़ाई शुरू करेगी.

इन चोटियों पर अनीता पा चुकी सफलता
अनीता 12 साल से पर्वतारोहण के साहसिक खेल को खेल रही है. अनीता ने माउंट एवरेस्ट तीन बार, अंटार्कटिका की सबसे ऊंची चोटी विनसन मासिफ, अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी किलिमंजारो, यूरोप के सबसे ऊंचे शिखर एल्बर्स, दक्षिण अमेरिका की एकोनकागुआ, ऑस्ट्रेलिया की कार्सटेंस पिरामिड शिखर को भी फतेह किया. उतरी अमेरिका की देनाली पर भी उन्होंने संघर्ष किया. माउंट एवरेस्ट के समान ही माउंट मनास्लू को भी अनीता ने फतेह किया है.

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