टीवी एक्ट्रेस मुनमुन दत्ता के खिलाफ हांसी में दर्ज मुकदमे पर जारी रहेगी कार्रवाई

टीवी अभिनेत्री मुनमुन दत्ता को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है.

टीवी अभिनेत्री मुनमुन दत्ता के वकील ने विभिन्न राज्यों में दर्ज मुकदमों को हांसी में ट्रांसफर करने की मांग रखी है, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी कर दिया है. अब मामले की सुनवाई छह सप्ताह बाद होगी.

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हांसी/हिसार. तारक मेहता का उल्टा चश्मा घर-घर पहचानी जाने वाली टीवी अभिनेत्री मुनमुन दत्ता (Munmun Dutta) ने उनके खिलाफ देश के अलग-अलग चार राज्यों में एससी-एसटी एक्ट (SC ST Act) के तहत दर्ज मुकदमों को एक स्थान पर ट्रांसफर करने की मांग की है. इसे लेकर उन्होंने देश की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) का दरवाजा खटखटाया है. कोर्ट ने मुनमुन दत्ता को बड़ी राहत प्रदान करते हुए कई कई राज्यों में दर्ज मुकदमों पर स्टे लगा दिया है, लेकिन हांसी में दर्ज मुकदमे पर कार्रवाई जारी रहेगी.

बता दें कि मुनमुन दत्ता के पर जाति विशेष का नाम लेते हुए यूट्यूब पर एक वीडियो में आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगा था. जिसके बाद देशभर में अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों में भारी गुस्सा देखा गया था और हरियाणा में हांसी के अलावा, गुजरात, नई दिल्ली, महाराष्ट्र व उत्तरप्रदेश में उनके खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमे दर्ज कराए गए थे. सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करते हुए मुनमुन दत्ता ने सभी मामलों को हांसी में दर्ज FIR के साथ ट्रांसफर करने की मांग की थी, जिस पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मामले से जुड़े दूसरे पक्षों को नोटिस जारी कर दिया है.

मुनमुन दत्ता के वकील ने कोर्ट के समक्ष कहा कि उनकी मुवक्किल बंगाल से हैं और उसने जिस शब्द का कथित तौर पर इस्तेमाल किया था, वह बांगला भाषा में आमतौर पर इस्तेमाल किया जाता है. उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि वह शब्द 'जातिवादी' है, इसके बाद वकील ने कोर्ट को बताया कि मुनमुन दत्ता से अनजाने में यह गलती हो गई थी और गलती का एहसास होने के चंद घंटों के बाद ही उन्होंने सोशल मीडिया से वह पोस्ट वापस ले लिया था.

इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जिस शब्द का इस्तेमाल किया गया था, उसके बारे में सभी वाकिफ हैं कि वह एक जातिसूचक शब्द है, हालांकि सुप्रीम कोर्ट से मुनमुन दत्ता को बड़ी राहत मिल गई है और कई राज्यों में दर्ज मुकदमों पर स्टे लगा दिया गया है. इसके अलावा राज्यों को केस ट्रांसफर करने के संबंध में नोटिस जारी किया गया है. इस मामले में शिकायतकर्ता रजत कलसन ने बताया की आगामी तारीख पर वे माननीय सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई में पेश होकर अपना पक्ष रखेंगे.

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