मिर्चपुर में मुर्गा खरीदने के दौरान विवाद के चलते दो पक्षों में मारपीट, गांव में पसरा तनाव

मिर्चपुर में मुर्गा खरीदने की बात को लेकर झगड़ा हो गया है. विवाद बढ़ने पर दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई. वहीं घटना के बाद पुलिस ने 4 लोगों को हिरासत में ले लिया है.

Sandeep Saini | News18 Haryana
Updated: August 1, 2019, 1:29 PM IST
मिर्चपुर में मुर्गा खरीदने के दौरान विवाद के चलते दो पक्षों में मारपीट, गांव में पसरा तनाव
मिर्चपुर में मुर्गा खरीदने के दौरान विवाद के चलते दो पक्षों में मारपीट, गांव में पसरा तनाव (सांकेतिक तस्वीर)
Sandeep Saini
Sandeep Saini | News18 Haryana
Updated: August 1, 2019, 1:29 PM IST
हरियाणा के हिसार जिले में नारनौंद के मिर्चपुर गांव में बीते मंगलवार की रात करीब 9 बजे वाल्मीकि बस्ती में 9 साल बाद एक बार फिर से जातीय तनाव पैदा हो गया है. आपको बता दें कि मंगलवार को दो पक्षों के बीच हुए झगड़े के कारण विवाद बढ़ गया है. इस बार झगड़ा मुर्गा खरीदने की बात को लेकर हुआ है. विवाद बढ़ने पर दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई. वहीं घटना के बाद पुलिस ने 4 लोगों को हिरासत में ले लिया है.

हमले में वाल्मीकि बस्ती का रहने वाला तेजभान गंभीर रूप से घायल हो गया है. लिहाजा, घायल और उसके परिवार के लोगों ने तुरंत पुलिस को घटना के बारे में सूचित किया. सूचना मिलने पर डीएसपी जोगिंद्र राठी और नारनौंद थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए. पुलिस ने घायलों के बयान दर्ज कर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

सुरेंद्र के मुर्गा फार्म पर हुआ था विवाद

मिली जानकारी के मुताबिक तेजभान सिविल अस्पताल में डीसी रेट पर हेल्पर का काम करता है. वह ड्यूटी खत्म होने के बाद चिकन कॉर्नर चलाता है. तेजभान ने बताया कि मंगलवार रात को ड्यूटी खत्म करने के बाद वह गांव पहुंचा था. वहीं घर आने के बाद वह मिर्चपुर से कोथ कला रोड पर सुरेंद्र के मुर्गा फार्म पर गया था. वहां पर सुरेंद्र का पार्टनर सतीश बैठा हुआ था. उसके साथ संजय समेत 3-4 अन्य युवक भी बैठे हुए थे.

क्राइम रिपोर्ट-crime report
सुरेंद्र के मुर्गा फार्म पर हुआ था विवाद


ऐसे में फार्म पर जाते ही सुरेंद्र अभद्र भाषा का प्रयोग करने लगा तेजभान ने जब विरोध किया तो सभी ने मिलकर उस पर हमला कर दिया. वह किसी तरह से बचकर बस्ती में पहुंचा और परिजनों को आपबीती सुनाई. फिलहाल, मामले की शिकायत पर पुलिस ने तुरंत उच्च अधिकारियों को इस बारे में सूचित किया. वहीं तनाव ज्यादा होने पर पुलिस बल गांव में तैनात कर दिया गया है.

2010 में हुआ था जातीय तनाव दो को जलाया था जिंदा 
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गौरतलब हो कि बीते 21 अप्रैल 2010 को मिर्जापुर गांव में दो पक्षों के बीच झगड़ा हो गया था. उस दौरान भीड़ ने वाल्मीकि बस्ती में आग लगा दी थी. उस घटना में ताराचंद और उसकी दिव्यांग बेटी सुमन की मौत हो गई थी. साथ ही काफी लोग घायल हो गए थे. पुलिस ने उस दौरान मामला दर्ज किया था, जिसमें दिल्ली कोर्ट ने कई लोगों को उम्र कैद समेत 7 साल तक की सजा सुनाई थी. तब बतौर कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष राहुल गांधी ने मौके का दौरा किया था. इतना ही नहीं यह मामला संसद में भी गूंजा था. उस घटना के बाद आज भी काफी परिवार पलायन कर हिसार शहर में रह रहे हैं.

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First published: August 1, 2019, 1:23 PM IST
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