हरियाणा: फौज में नौकरी लगवाने के नाम पर 2 युवकों के साथ 11 लाख रुपए की ठगी

सेनी में भर्ती करवाने के नाम पर ठगी (File Photo)

सेनी में भर्ती करवाने के नाम पर ठगी (File Photo)

Fraud in Hisar: दोनों युवक जब जॉइन करने के लिए रांची पहुंचे तो वहां जाकर इस धोखाधड़ी का पता चला.

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हिसार. फौज में नौकरी (Job in Army) लगवाने के नाम पर दो युवकों के साथ 11 लाख रुपए की ठगी करने का मामला प्रकाश में आया है. इतना ही नहीं ठगी करने वालों ने उन्हें जॉइनिंग लेटर (Joining Letter) भी दे दिया. वह लेटर लेकर जब जॉइन करने के लिए रांची पहुंचे तो वहां जाकर इस धोखाधड़ी का पता चला. बरवाला पुलिस ने इस संदर्भ में वार्ड नंबर 15 निवासी दीपक की शिकायत पर पंजाब के जिला पटियाला की तहसील खनोरी के गांव शेरगढ़ के पूर्व सरपंच अमरीक सिंह के बेटे बलजिंदर उर्फ काली तथा अपने आप को भूतपूर्व फौजी बताने वाले सेवक सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है.

गांव प्रभु वाला निवासी दीपक जो हाल आबाद वार्ड नंबर 15 बरवाला का रहने वाला है. पीड़ित ने इस संदर्भ में हिसार में जिला पुलिस कप्तान को शिकायत की थी. उस शिकायत के आधार पर उपरोक्त केस दर्ज किया गया है. दीपक ने इस शिकायत में कहा कि खनोरी के शेरगढ़ गांव में उसकी बहन की शादी की हुई है. उसी गांव के पूर्व सरपंच अमरीक सिंह का बेटा बलजिंदर उर्फ काली अपने दोस्त सेवक सिंह के साथ उसे 15 अक्टूबर 2019 को बरवाला के पुराना बस अड्डा पर मिला. इसके बाद उन्होंने एक दुकान पर चाय पी. तब उसने उससे पूछा कि वह आजकल क्या कर रहा है.

उसने बताया कि वह आजकल फौज की भर्ती के लिए तैयारी कर रहा है. ऐसे में बलजिंदर ने कहा कि वह उसको फौज में भर्ती करवा देगा. उसके साथ जो सेवक सिंह है उसके संबंध फौज में उच्च अधिकारियों से भी है. सेवक सिंह ने भी उस समय कहा कि वह कई बच्चों को भर्ती करवा चुका है. क्योंकि उसके गांव में उसकी बहन शादीशुदा थी. इस तरह उसने उसकी बात पर यकीन कर लिया और उससे कहा कि वह उसकी नौकरी लगवा दें. उसने भर्ती कराने के लिए उससे साढे पांच लाख रुपए मांगे. उसने उसने अपना मोबाइल नंबर देते हुए कहा कि उसे फोन कर लेना.

इतना ही नहीं उसके बाद एक सप्ताह के बाद बलजिंदर का फोन आया कि आर्मी की भर्ती निकली हुई है तो साढे पांच लाख रुपए और डॉक्यूमेंट जमा करवाने होंगे. उसने कहा कि वह 20 नवंबर 2019 को बरवाला आएगा और पुराने बस अड्डे पर मिलेगा. तब वह अपने एक दोस्त राधेश्याम निवासी देवीगढ़ पूनिया के साथ अपने तथा दोस्त के ओरिजिनल डॉक्यूमेंट, आधार कार्ड सभी प्रकार के प्रमाण पत्र आदि के साथ आकर ग्यारह लाख रुपए बलजिंदर सिंह उर्फ काली को और कागजात सेवक सिंह को उसके साथ ही दे दिए। उन्होंने कहा कि जॉइनिंग लेटर आते ही वह आपको जानकारी दे देंगे.
रांची पहुंचे तो धोखाधड़ी की खुली पोल

उसके बाद एक फरवरी 2020 को बलजिंदर सिंह व सेवक सिंह दोनों बरवाला आए और उन्होंने बरवाला आकर फोन किया कि वह ब्राह्मण धर्मशाला के पास खड़े हैं. वहां पर आकर अपना जॉइनिंग लेटर ले जाओ तो वह अपने एक दोस्त के साथ मौके पर जाकर उन दोनों से मिले. तब उन्होंने उसे जॉइनिंग लेटर, ओरिजिनल डॉक्यूमेंट दे दिए. उन्होंने कहा कि दीपक को 25 फरवरी 2020 को रांची पहुंचना है तथा राधेश्याम को 8 मई 2020 को रांची पहुंचना है. इसके बाद वह तथा राधेश्याम 23 फरवरी को रांची पहुंच गए. जब उन्होंने वहां जाकर जॉइनिंग लेटर दिखाया तो उन्हें इस धोखाधड़ी के बारे में पता चला.

पैसे वापिस देने से इंकार कर दिया 



उन्होंने कहा कि जब उन्होंने 151 बटालियन के अधिकारियों से बातचीत की तो उन्होंने बताया कि यहां पर 151 बटालियन बंद हो चुकी है. जिसने भी तुम्हें यह लेटर दिया है उसने तुम्हारे साथ ठगी की है. इस कारण वह वहां से बैरंग लौट आए और आकर बलजिंदर सिंह के पास फोन किया तो उसने कहा कि वह तुम्हारे पैसे वापस कर देगा. कई बार पैसे वापस लेने के लिए हामी भरता रहा. उसके बाद वहां पर पंचायत लेकर गए. उस पंचायत में उसने पैसे वापिस देने से इंकार कर दिया और धमकी भी देने लगा.
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