रमलू के परिवार को सरकार ने दिए 4.50 लाख रुपए, पत्नी के खाते में जमा करवाई राशि

व्यापारी ने रमलू की हत्या कर कार में जिंदा चलाया था.
व्यापारी ने रमलू की हत्या कर कार में जिंदा चलाया था.

Hisar Murder Case: रमलू की मौत के बाद पत्नी के कंधों पर 11 बच्चों के भरण-पोषण की जिम्मेदारी है.

  • Share this:
हिसार. आखिरकार रमलू के परिवार को सरकार (Government) की तरफ से आर्थिक सहायता मिल गई है. अनुसूचित जाति से संबंध रखने वाला मृतक रमलू का परिवार बेहद गरीब (Poor Family) है और उसकी पत्नी के कंधों पर 11 बच्चों के भरण-पोषण की जिम्मेदारी है. डीएनटी विकास बोर्ड के चेयरमैन डॉ बलवान सिंह ने बताया कि बोर्ड की तरफ से उन्होंने सरकार से तुरंत प्रभाव से रमूल के परिवार को आर्थिक सहयोग करने की अपील की थी.

सरकार ने उनकी मांग पर गंभीरता से विचार करते हुए बुधवार को 4.50 लाख रुपये मंजूर कर दिए. उन्होंने बताया की मृतक रमलू की पत्नी के ग्रामीण बैंक के खाते में ये राशि जमा करवाई गई है. ग्रामीण भी लगातार रमलू के परिवार की सहायता करने की मांग कर रहे थे. डॉ. बलवान सिंह ने कहा कि डीएनटी बोर्ड द्वारा दो स्कूल चलाए जा रहे हैं जहां घुमंतू जनजाति के बच्चों को पढ़ाया जाता है, रमलू के बच्चों को यहां पढ़ाने के लिए परिवार से बातचीत की जाएगी.

बता दें कि गांव डाटा निवासी रमलू को गांव के ही व्यापारी राममेहर ने मारकर शव को गाड़ी में डाल जला दिया था. पिछले दो दिनों से रमलू के घर चूल्हा नहीं जला था. रमलू के 11 बच्चे अपने पिता की मौत के शोक में डूबे हुए हैं. साथ ही वो भूख के कगार पर भी खड़े थे. गांव में मजदूरी करके या फिर घर-घर जाकर आटा मांगकर बच्चों का पेट भरने वाला रमलू अब इस दुनिया में नहीं है. रमलू के स्वजनों ने मांग की थी कि सरकार उनकी मदद करे.



रमलू की पत्नी कृष्णा ने कहा कि जिसने मेरे पति को जलाया, सरकार उसको भी जला दे, तभी मुझे न्याय मिलेगा. घटना के बाद ग्रामीणों की सहानुभूति रमलू के परिवार के साथ है. उनका कहना था कि अब सरकार रमलू के परिवार की मदद के लिए आगे आए, ताकि उसकी तीन लड़कियां भरपेट खाना मिल सके और वे स्कूल जा सके.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज