Positive India: पर्वतारोही शिवांगी पाठक ने 10 दिन में जीती कोरोना से जंग, अब फतेह करेंगी माउंट ल्होत्से

शिवांगी के फेफड़ों में भर गया था पानी

शिवांगी के फेफड़ों में भर गया था पानी

Positive India: ठीक होने के बाद शिवांगी ने फिर से अपने मिशन को पाने के लिए चढ़ाई शुरु कर दी है। अब वह मिशन पूरा करने के लिए कैंप लिए निकलेगी।

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हिसार. 16 साल की उम्र में माउंट एवरेस्ट (Mount Everest) की चढ़ाई कर कीर्तिमान स्थापित करने वाली हिसार पर्वतारोही शिवांगी पाठक (Shivangi Pathak) ने करीब 10 दिन में हासिल की है. मिशन माउंट ल्होत्से के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ने पर जब उनकी कोरोना जांच करवाई तो वे पॉजिटिव पाई गई थी. अब उन्होंने फिर से चढ़ाई शुरू कर दी है.

बता दें कि शिवांगी ने 9 अप्रैल को माउंट ल्होत्से की चढ़ाई शुरू की थी. 15 अप्रैल को वह लोबुचे पहुंच गईं, जोकि बेस कैंप से एक कैंप नीचे है. शिवांगी एक रात वहीं रुक गई. अगले दिन बेस कैंप से नीचे गोरख शेप पहुंचकर उन्होंने अपनी मां आरती पाठक को फोन किया और कहा कि मम्मी मेरी तबीयत खराब हो रही है. बुखार नहीं उतर रहा है और खाना भी नहीं पच रहा है.

फेफड़ों में भर चुका था पानी 

इसके बाद जैसे-तैसे वह बेस कैंप पहुंची, जो 5364 मीटर की ऊंचाई पर है. एक रात वहां रुकी, लेकिन शिवांगी की हालत काफी खराब हो गई तो एजेंसी वालों का शिवांगी की मां आरती पाठक के पास फोन आया और कहा कि शिवांगी का रेस्क्यू करना पड़ेग. शिवांगी की मां के अनुसार उसका ऑक्सीजन लेवल काफी कम पहुंच गया था और फेफड़ों में पानी भर चुका था. उसकी हालत गंभीर हो रही थी. उसे रेस्क्यू कर ईलाज के लिए लाया गया.
आयुर्वेद और योग से कोरोना को हराया

इलाज के दौरान आयुर्वेद और योग के बल पर उसने अपने आप को दुरुस्त किया और अब फिर से अपने मिशन को पूरा करने के लिए चढ़ाई शुरु कर दी है. अब वह मिशन पूरा करने के लिए कैंप लिए निकलेगी. शिवांगी का टारगेट है कि वह 25 मई तक माउंट ल्होत्से जो कि विश्व की चौथी सबसे ऊंची चोटी है जिसकी ऊंचाई 8516 मीटर है उस पर तिरंगा लहराना है. शिवागीं के परिजनों कोमें उम्मीद है कि 25 मई तक वह अपना मिशन पूरा कर लेगी.

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